कोटा. कोटा की प्राचीन दरगाह अधरशिला धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगी। चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं वक्फ मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने जयपुर में आठ दिसंबर को बैठक कर अधिकारियों को विशेषज्ञों से सौंदर्यीकरण विकास के लिए मास्टर प्लान बनाने को कहा है।
धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्रदेश की 10 दरगाहों को चिन्हित किया गया है। इसमें कोटा की अधरशिला (आस्ताना
आलिया हजरत अमीर कबीर मीर सैय्यद अली उर्फ मौला अली हमदानी) और झालावाड़ की गागरोन दरगाह भी शामिल है। 11से 12वीं शताब्दी पुरानी: दरगाह के गद्दीनशीन फकरुद्दीन शाह उर्फ मुजफ्फर अली शाह ने बताया कि चंबल के किनारे यह दरगाह 11 से 12वीं शताब्दी पुरानी है। एक मन पत्थर पर टिकी विशाल चट्टान मुख्य आकर्षण है। अजमेर उर्स के बाद चांद की 11, 12 और 13 तारीख को यहां सालाना उर्स भरता है।
विकास के लिए यह जरूरी
गद्दीनशीन के अनुसार यहां 20 फीट लंबा बुलंद दरवाजा, जायरीनों के लिए महफिल खाना, टॉयलेट सुविधाएं, प्राचीन मजारों का जीर्णोद्घार, तलाई के पास सीवरेज सिस्टम सुधार, मुख्य रोड का चौड़ीकरण, हाई मास्ट लाइटें, पेयजल सुविधा विस्तार, पार्क में झूले, सुरक्षा दीवार, विश्राम गृह और कब्रिस्तान की व्यवस्थाएं सुधारी जाएं।