- Hindi News
- जाति धर्म के बंधन से ऊपर उठकर कराया 1300 कन्याओं को सामूहिक कन्या भोज
जाति-धर्म के बंधन से ऊपर उठकर कराया 1300 कन्याओं को सामूहिक कन्या भोज
नौ-नौकन्याओं का समूह और उनके पैर धोकर मस्तक पर टीका लगाने को आतुर लोग। नवरात्र के मौके पर रविवार को जब महावीर नगर तृतीय के स्वामी विवेकानंद विद्या निकेतन में 1300 कन्याओं का एक साथ पूजन किया गया तो माहौल में भक्ति रस घुल गया। आज यह महज कन्याएं नहीं थी, इनमें मां अंबे का रूप देखा जा रहा था।
माता के जयकारों के बीच ही कन्याओं को भोजन करवाया गया। सेवा भारती ने शहर की 40 सेवा बस्तियों से कन्याओं को लाकर उनका पूजन करके भोजन करवाने का अनुपम उदाहरण पेश किया। यह आयोजन इसलिए ज्यादा सराहा गया क्योंकि यह जाति, धर्म और संप्रदाय के बंधन से मुक्त होकर किया गया। आयोजन में शहर के 115 परिवारों ने सक्रिय योगदान दिया।
समयगया है नारी शक्ति को समझने का
मुख्यअतिथि महामण्डलेश्वर हेमा सरस्वती ने कहा कि अब समय गया है कि हम नारी शक्ति को समझे और उसका बहुमान करें। नवरात्र पर्व हमें सीख देते है कि हमें कन्या भ्रूण हत्या, दुष्कर्म जैसे पाप नहीं करने चाहिए। कहा कि शक्ति की पूजा के साथ शक्ति का अर्जन और संरक्षण भी जरूरी है। सेवा भारती के राजस्थान प्रदेश संगठन मंत्री तुलसी नारायण ने कहा कि कन्या पूजन सामाजिक शक्ति का प्रतीक है। हिन्दू समाज में स्त्री के महत्व को दर्शाने का यह पर्व है। इस मौके पर सेवा भारती के राधेश्याम शर्मा, चन्द्रमोहन सिंह, गिरिजा शंकर सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
स्वामी विवेकानंद स्कूल में कन्याओं का पूजन किया गया।