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नारद की तपस्या से हिल उठा इंद्र का सिंहासन
कोटा| नगरनिगम कोटा की ओर से दशहरा मैदान परिसर स्थित श्री रामरंगमंच पर गुरूवार रात रामलीला का शुभारंभ हुआ।
श्री राघवेंद्र कला संस्थान के कलाकारों ने रामलीला का मंचन किया। पहले दिन श्री रामचरित्र मानस प्रागट्य, नारद मोह पृथ्वी पुकार प्रसंग का रोचक मंचन हुआ। रामलीला के आरंभ में इंद्र का राजसी महल दर्शाया गया जो नारद की तपस्या से हिल उठा। तकनीकी दृश्यों में भगवान विष्णु द्वारा गरुढ़ पर आना दर्शाया गया। रामलीला के दौरान जयश्री राम के जयघोष गूंजते रहे। इस मौके पर मेला समिति अध्यक्ष आनंद पाटनी, आयुक्त मेला अधिकारी सियाराम मीना, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. जेपी गुप्ता, प्रेम शंकर शर्मा ने अतिथियों का अभिनंदन किया आरती की। प्रचार-प्रसार समिति अध्यक्ष नरेंद्र खींची ने बताया कि रामलीला 4 अक्टूबर तक प्रतिदिन रात 8:30 बजे से देर रात तक होगी। शुक्रवार को श्रीरामजन्म, नामकरण बाल लीलाओं का मंचन होगा।
रामकथाशुरू, निकाली कलशयात्रा
राष्ट्रीयदशहरा मेला-2014 की गुरुवार सुबह रामकथा के साथ ही शुरूआत हो गई है। पहले दिन किशोरपुरा के गोविंद धाम मंदिर से कलशयात्रा निकाली गई। इस दौरान बग्गी में वाराणसी के कथावाचक आचार्य पं. मुद्रिका प्रसाद मिश्र बैठे हुए थेे। इस दौरान चार घुड़सवार ध्वज पताका लिए आगे-आगे और उनके पीछे 301 महिलाएं सिर पर कलश लिए चल रहीं थीं।
कल्पवृक्षहै राम कथा
आचार्यपं. मुद्रिका प्रसाद मिश्र ने कहा कि रामकथा कल्पवृक्ष है। रामकथा में भगवान राम संपूर्ण रूप से समाए हुए है। पूर्व महापौर सुमन श्रृंगी, नेता प्रतिपक्ष बृजमोहन सेन ने कलश पूजन किया। मेला प्रचार-प्रसार समिति के अध्यक्ष नरेंद्र खींची ने बताया कि इस दौरान महापौर डॉ. र|ा जैन, उप महापौर राकेश सोलर, पार्षद आनंद पाटनी, मेला अधिकारी सियाराम मीणा मौजूद रहे।
श्री राम रंगमंच पर रामलीला का मंचन करते श्री राघवेंद्र कला संस्थान के कलाकार।