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सारेे परिवार की जांच, सब नेगेटिव

6 वर्ष पहले
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कोटा। स्वाइन फ्लू की जांचों को लेकर संभाग में “माल-ए-मुफ्त, दिल-ए-बेरहम’ वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। सरकार ने जांच निशुल्क क्या की, सारी व्यवस्थाएं ही बेपटरी हो गईं। खुद रोगी तो मुफ्त जांच कराने के लिए आ ही रहे हैं, डॉक्टर भी गैरजरूरी रोगियों की जांच करा रहे हैं।

हद तो तब हो गई जब झालरापाटन (झालावाड़) से एक ही परिवार के 10 सदस्यों के स्वाब जांच के लिए कोटा मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल लैब में पहुंच गए। संभवत: यह पहला मामला है, जब एक ही परिवार के इतने सदस्यों की स्वाइन फ्लू जांच कराई गई है। लैब कार्मिकों का भी मानना है कि गैरजरूरी जांचें ज्यादा हो रही हैं, जरूरी कम।
इनके आए सैंपल
पेशे से एएनएम बड़े मंदिर के पीछे, झालरापाटन की नीता को स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद झालावाड़ से चिकित्सा विभाग ने 4 फरवरी को उसके पूरे परिवार के ही सैंपल कलेक्ट कर लिए और जांच के लिए कोटा भेज दिए। इनमें रश्मि पत्नी देवेश, पार्थ, प्रिया, विनायक, अवनि, संतोष, देवेश, सत्यनारायण, आदित्य के सैंपल शामिल हैं। इनके नमूने निजी लैब के मार्फत दिल्ली भेजे गए, जहां से सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
'ऐसा एक ही मामला आया है। इस बारे में झालावाड़ सीएमएचओ से बात भी की है। उनसे अनुरोध किया है कि गैरजरूरी सैंपल न लें और न ही भेजें। इसी वजह से किट खत्म हो रहे।'
- डॉ. नवीन सक्सेना, प्रभारी, सेंट्रल लैब
'यह उस एएनएम का परिवार है, जो स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आई है। परिवार के सभी सदस्यों को टेमीफ्लू दे दी गई थी। जांच के बारे में मुझे पता नहीं। सैंपल लेने का काम झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के स्तर पर होता है। वहां डॉ. दीपक गुप्ता हैं, वही इसे देख रहे हैं। नमूने उन्होंने ही भिजवाए होंगे। सबकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।' - डॉ. साजिद खान, सीएमएचओ, झालावाड़
'मैंने इनके सैंपल नहीं भिजवाए। हो सकता है सीएमएचओ ने करवाए हों? यह तो बिल्कुल ही गलत है कि एक परिवार के दस-दस लोगों के सैंपल करवाए जाएं। यह बात अभी हुई मीटिंग में भी उठी थी कि जांच उसी की कराई जाए, जो जरूरी हो। निशुल्क का मतलब यह नहीं कि गैरजरूरी जांचें कराएं।' - डॉ. दीपक गुप्ता, एमडी, मेडिसिन, झालावाड़ मेडिकल कॉलेज
बच्चे को सर्दी-जुकाम हैं तो स्कूल से घर भेज दें
स्वाइन फ्लू के बढ़ते रोगियों की संख्या देखकर कलेक्टर ने जिला शिक्षाधिकारियों व कोचिंग संस्थान के डायरेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं कि स्कूलों व कोचिंग में किसी भी सर्दी-जुकाम से संक्रमित स्टूडेंट को क्लास में नहीं बैठने दें। उन्हें पहले तो इलाज के लिए भेजें और तबीयत न ठीक होने तक छुट्‌टी दे दें।

एक संदिग्ध रोगी की मौत सांसद ने भी कराई जांच
सीएमएचओ डॉ. यादव ने बताया कि 27 नए रोगी आए हैं। इसमें 23 कोटा जिले के हैं। अभी तक 5 जनों की मौत को चुकी है। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. गिरीश वर्मा ने बताया कि एमबीएस में दीगोद निवासी सियाराम की मौत हो गई। उसकी जांच रिपोर्ट नहीं आई है। वहीं, सांसद ओम बिरला ने भी स्वाइन फ्लू की जांच करवाई थी। उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। एमबीएस में मंगलवार सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक होम्योपैथिक शिविर लगाया जाएगा।