कोटा. दशहरा मेला होने से पहले हर साल मेला ग्राउंड की सड़कों के पैचवर्क से लेकर साजीदेहड़ा की पुलिया मरम्मत का काम किया जाता है। करीब 20 लाख रुपए इस मरम्मत कार्य पर खर्च होते हैं। फिर बारिश आती है और पैचवर्क बह जाता है। यह सिलसिला पिछले कई सालों से अनवरत चल रहा है। पूरा इंजीनियरिंग महकमा होने के बावजूद निगम आज तक इस सड़क का स्थायी समाधान नहीं तलाश पाया।
दशहरा मैदान के लिए सीएडी चौराहे से लेकर किशोरपुरा दरवाजे तक, झूला बाजार, खिलौना बाजार, चूड़ी बाजार की सड़कों की मरम्मत और साजीदेहड़ा पुलिया को हर साल तैयार किया जाता है। इसके लिए करीब 20 लाख रुपए खर्च होते हैं, लेकिन अगला मेला आते-आते ये फिर से गड्ढ़ों में तब्दील हो जाती है। निगम द्वारा एक बार में ऐसा काम नहीं किया जाता कि हर साल इस पर धन खर्च नहीं करना पड़े। इन सड़कों का उपयोग केवल दशहरे के दौरान ही नहीं बल्कि हमेशा आम जनता करती है। पुलिया पर हर साल पानी भरता है और सड़क बह जाती है। इस साल भी इन दोनों कामों पर 20 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं। पूरे मेले परिसर में पैचवर्क कर पुलिया के नीचे 2 पाइप लगाए जा रहे हैं ताकि पानी निकल जाए।
इस पुलिया के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम द्वारा प्रोजेक्ट बनाया गया था। जिसके तहत यहां पर क्रॉस-वे बनाना था। इस पर करीब 1.10 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। बजट नहीं होने के कारण इस कार्य को शुरू नहीं किया जा सका और इस बार भी पाइप बढ़ाकर इसका समाधान किया जा रहा है। अगली बार बजट मिल जाएगा तो स्थायी समाधान किया जाएगा। -भूपेंद्रमाथुर, एसईनगर निगम