कम होगा ऑडिटोरियम का किराया: कलेक्टर
कोटाके रंगकर्मियों की परेशानी को देखते हुए कलेक्टर ने कहा कि ऑडिटोरियम का किराया कम किया जाएगा। किराया कितना कम होगा, इस पर शुक्रवार को यूआईटी के अधिकारियों के साथ बैठक कर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में जयपुर, जोधपुर और उदयपुर से जानकारी मांगी गई है।
कोटा में लगभग 18 संस्थाएं हैं जो नाटक और अन्य कार्यक्रम करती हैं। ये संस्थाएं कोटा ही नहीं बल्कि देशभर में अपने कार्यक्रम दे चुकी हैं। कोटा की पेराफिन संस्था ऐसी है जिसके कार्यक्रमों को देखकर केन्द्र सरकार की ओर से दस कलाकारों को मासिक वेतन तक दिया जा रहा है। ये कलाकार देशभर में नाटक मंचन में हिस्सा लेते हैं। इसके अलावा अन्य संस्थाओं के कलाकार भी समय-समय पर कार्यक्रम देते रहते हैं। इसके बावजूद कोटा शहर में उनकी उपेक्षा हो रही है। वर्षों के आंदोलन के बाद यूआईटी ने साढ़े 14 करोड़ में ऑडिटोरियम बनाया, लेकिन उसका किराया इतना तय कर दिया कि संस्थाएं उसे वहन ही नहीं कर पातीं। यही कारण है कि साल भर में एक भी संस्था का कार्यक्रम यहां नहीं हो पाया। उन्हें मजबूरन बिना लाइट व्यवस्थाओं वाले सीबी गार्डन के ओपन थिएटर और कला दीर्घा में कार्यक्रम देना पड़ा। भास्कर ने उनकी समस्या को 23 सितंबर के अंक में प्रकाशित किया। किराया कम करने के लिए मुहिम चलाई। इसके बाद कलेक्टर ने इससे संबंधित फाइल अपने कार्यालय में तलब की। अब किराए को लेकर यूआईटी अफसरों के साथ बैठक करके निर्णय लिया जाएगा।
किराया कम करने का निर्णय लिया जा चुका है
कलेक्टरजोगाराम ने कहा कि स्थानीय रंगकर्मियों की पीड़ा जायज है। इसे देखते हुए किराए संबंधित फाइल को मैंने यूआईटी से मंगवा लिया है। गुरुवार को अवकाश होने के कारण यूआईटी के अधिकारियों के साथ बैठक नहीं हो पाई। शुक्रवार को इस पर निर्णय किया जाएगा। लेकिन, यह निर्णय लिया जा चुका है कि किराया जरूर कम होगा।