साहित्य में जीवन का रास्ता मिलता है
कोटा| गवर्नमेंटपीजी कॉलेज में हिन्दी विभाग की ओर से एक दिवसीय कार्यशाला हुई। जिसमें डॉ. नरेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने आधुनिक हिन्दी कविता आलोचना के प्रतिमान और डॉ. प्रेम जैन ने साहित्य के कालजयी तत्व विषय पर व्याख्यान दिए। मुख्य अतिथि डॉ. कल्पना लाल ने कहा कि साहित्य से हमें जीने का रास्ता मिलता है। अच्छा साहित्य ही व्यक्तित्व की संरचना को जन्म देता है। अध्यक्षता डॉ. मुरलिया शर्मा ने भी संबोधित किया।