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अब आसानी से याद रहेंगे यौगिकों के नाम, कोटा के लोकेंद्र ने तैयार किया फाॅर्मूला, कॉपीराइट भी मिला

7 वर्ष पहले
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कोटा। रसायन शास्त्र के यौगिकों के नाम याद रखने में अब विद्यार्थियों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी। कोटा के महावीर नगर विस्तार में रहने वाले किशनलाल नागर के बेटे लोकेंद्र कुमार नागर द्वारा तैयार किए गए फार्मूले से न सिर्फ यौगिकों का आसानी से नामकरण किया जा सकेगा, बल्कि उनको याद भी रखा जा सकेगा।
अभी रासायनिक क्रियाओं के दौरान यौगिकों के नाम भूलने से विद्यार्थियों को काफी मुश्किल आती थी। खास बात यह है कि भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय (एचआरडी) के रजिस्ट्रार ऑफ कॉपीराइट ने भी मान्यता जारी कर दी है। अब तक परंपरागत आईवीपीएसी नियम से यौगिकों को नाम दिया जाता था, लेकिन लोकेंद्र ने इसके लिए फॉर्मूला ही खोज निकाला है। फॉर्मूले को एलकेएन नाम दिया गया है। एचआरडी मिनिस्ट्री ने लोकेंद्र के कार्य को रचनात्मक कार्यों की श्रेणी में रखा है।

फायदा: फॉर्मूला एप्लाई करो और आंसर तक पहुंचो

अब तक विभिन्न इंजीनियरिंग एंट्रेंस और उच्च माध्यमिक स्तर तक की परीक्षाओं में नामकरण से संबंधित सवालों को हल करने के लिए आईवीपीएसी नियम एप्लाई करके आंसर तक पहुंचना होता था। यह काफी लंबा और स्टूडेंट्स को असमंजस में डालना वाला है। लोकेंद्र के अनुसार नियम के लागू होने के बाद सीधे फॉर्मूला एप्लाई करके आंसर पता लग जाएगा। फॉर्मूला याद रखा जा सकता और एप्लाई करने में दिक्कत नहीं आएगी।