एक रुपए के पीछे, दे रहे पॉलीथिन की थैली
11वीं की छात्रा बांट चुकी है 20 हजार कपड़े के थैले
पॉलीथीनको पूरी तरह से खत्म करने का बीड़ा उठाए छावनी निवासी दिव्या जैन बीते छह साल में 20 हजार कपड़े के थैले बांट चुकी है। वाे भी बिल्कुल मुफ्त। इसके लिए वह अपने घर, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से बेकार कपड़े इकट्ठा करती है। 11वीं की छात्रा दिव्या के माता-पिता भी इस काम में उसका पूरा सहयोग करते हैं। यदि पैसे की जरूरत होती है, तो पिता संजय आर्थिक मदद भी करते हैं। दिव्या ने बताया कि वो घर-घर लोगों से संपर्क के अलावा सार्वजनिक स्थान, धार्मिक समारोह, शिक्षण संस्थाओं, सब्जीमंडी में जाकर लोगों से इस संबंध में अपील कर रही हैं। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से संबद्ध सेंट्रल इनवायरमेंट एजुकेशन अहमदाबाद से सम्मानित किया जा चुका है।
दिव्या थैले बनाने के लिए रिश्तेदार और पड़ोसियों से बेकार कपड़े इकट्ठा करती है।