उर्वरक मंत्री ने कहा किल्लत दूर होगी
कोटा. राजस्थानमें यूरिया की किल्लत जल्द दूर होगी। यह आश्वासन केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनन्त कुमार ने राज्य के सांसदों को दिल्ली में मुलाकात के दौरान दिया। सांसद ओम बिरला ने बताया कि उन्होंने यूरिया की कमी का मामला संसद में भी उठाया था। साथ ही इस मामले में केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री को पत्र भी लिखा था। उन्होंने बताया कि राजस्थान में रबी की फसलों विशेषकर सरसों उत्पादक क्षेत्र अलवर, भरतपुर, सवाई माधोपुर, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, टोंक, जयपुर एवं दौसा जिलों में किसानों को समय पर यूरिया उपलब्ध नहीं हो रहा है। इससे फसलें खराब होने की संभावना है। किसानों को यूरिया के साथ बोगस उत्पाद खरीदने को मजबूर किया जा रहा है। कोटा सांसद ने सरकार से आईपीएल एवं इफको कंपनियों को अविलंब बचा हुआ यूरिया आपूर्ति करने के लिए निर्देश देने की अपील की। साथ दोषी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। मुलाकात करने वाले सांसदों में दुष्यंत सिंह, ओम बिरला, पीपी चौधरी, गजेंद्र सिंह शेखावत, सीआर चौधरी, महंत चांद नाथ, सीपी जोशी, अर्जुनलाल मीणा, मानशंकर निनामा, मनोज राजौरिया, और सुखवीर सिंह जौनपुरिया आदि शामिल थे।
बारां, बूंदी और झालावाड़ में किसान बेकाबू, जाम, प्रदर्शन के बाद मिल रही यूिरया, अधिकारी कह रहे-
उत्पादन तो बहुत है, डिमांड के अनुसार है सप्लाई
सीएफसीएलमें 5 हजार मीट्रिक टन यूरिया का रोजाना उत्पादन होता है। सालाना औसतन 18 लाख टन यूरिया उत्पादन होता है। परन्तु इस कंपनी को सिर्फ कोटा में ही नहीं पूरे देश में सप्लाई देनी होती है। वहीं श्रीराम फर्टिलाइजर्स में भी काफी तादाद में यूरिया बनता है। कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें सरकार की ओर से डिमांड दी जाती है, उसी के अनुरूप वह आपूर्ति करते हैं। सीएफसीएल में 5 हजार मीट्रिक टन यूरिया का रोजाना उत्पादन होता है। सालाना औसतन 18 लाख टन यूरिया उत्पादन होता है। परन्तु इस कंपनी को सिर्फ कोटा में ही नहीं पूरे देश में सप्लाई देनी होती है। वहीं श्रीराम फर्टिलाइजर्स में भी काफी तादाद में यूरिया बनता है।
कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें सरकार की ओर से डिमांड दी जाती है, उसी के अनुरूप वह आपूर्ति करते हैं।
कितना लगता है यूरिया
कृषिअधिकारियों के मुताबिक प्रति बीघा 18 से 20 किलो यूरिया डाला जाता है। लेकिन, क