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कलश यात्रा के बाद शुरू हुई श्रीमद्भागवत महापुराण कथा
कोटा। आरके पुरम सेक्टर-ए में स्थित बालाजी धाम पर बुधवार से श्रीमद्भागवत महापुराण कथा शुरू हुई। इसस पहलेे कलशयात्रा निकाली गई। जो बैंडबाजों आतिशबाजी के सााथ आरके पुरम सेक्टर-बी के हनुमान मंदिर से शुरू होकर बालाजी धाम तक पहुंची।
प्रवक्ता पीपी गुप्ता ने बताया कि कलश यात्रा के दौरान संत धर्मदेव महाराज बग्गी में विराजमान थे। वहीं महिलाएं नाचती-गाती हुई कलश यात्रा में आगे-आगे चल रही थीं। इस दौरान कुल 151 कलश महिलाओं ने धारण कर रखे थे। कथा से पहले संत धर्मदेव महाराज ने व्यासपीठ का पूजन करवाया। व्यास प्रवर ने कलश की महत्ता बताते हुए कहा कि मंगल कलश धारण करने से जहां आत्मा शुद्ध पवित्र होती है वहीं इसके धारण करन से अनेक बीमारियों से मुक्ति मिलती है। कलश का जल सात दिवस की भागवत के उपरांत घर के आंगन में छिडकने से दुःखों का नाश होता है घर में सुख-समृद्धि अाती है। प्रवक्ता गुप्ता ने बताया कि कथा 17 फरवरी तक दोपहर 12 से शाम 5.00 बजे तक चलेगी।
आरके पुरम सेक्टर-ए में स्थित बालाजी धाम पर बुधवार को कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण कथा शुरू हुई
मंगल कलश धारण करने से आत्मा होती है शुद्ध पवित्र