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पहले जो लौटाए, बाद में वही इंजेक्शन खरीदे

6 वर्ष पहले
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कोटा. एमबीएस अस्पताल के एंटी गैस गैंगरीन इंजेक्शन घोटाले में एक और नया खुलासा हुआ है। हाल ही में एक आरटीआई के जवाब में अस्पताल प्रशासन ने नई जानकारी दी है, जिसमें बताया है कि सितम्बर, 2014 की एक्सपायरी के ही 10 इंजेक्शन अस्पताल प्रशासन ने मार्च, 2013 में भी खरीदे थे।
लेकिन एक ही इंजेक्शन की खपत हुई, शेष 9 इंजेक्शन खपत नहीं होने से एक्सपायरी नजदीक बताते हुए 30 जनवरी, 2014 को (एक्सपायरी से आठ माह पहले) ही तत्कालीन अस्पताल प्रशासन ने फर्म को वापस लौटा दिए गए थे। अब सवाल यह उठ रहा है कि जिस अस्पताल प्रशासन ने जनवरी, 2014 में सितम्बर, 2014 के एक्सपायरी वाले इंजेक्शनों को एक्सपायरी डेट नजदीक बताते हुए लौटाया, उसी अस्पताल प्रशासन ने सितम्बर में यही इंजेक्शन दोबारा क्यों खरीदे? जबकि इनका बैच, निर्माण तिथि एक्सपायरी डेट सेम हैं।

सारा खेल 'परचेज फिक्सिंग' का

इस मामले का खुलासा अभिनव राजस्थान अभियान से जुड़े आरटीआई कार्यकर्ता महेश मेघवाल ने किया था। ताजा आरटीआई भी मेघवाल ने ही लगाई, जिसके जवाब में अस्पताल प्रशासन ने उक्त जानकारी दी। मेघवाल की शिकायत पर इस मामले की एसीबी भी जांच कर रही है। उनका कहना है कि यह सारा खेल 'परचेज फिक्सिंग' का है। दोबारा इंजेक्शन खरीदे ही इसलिए गए, ताकि खपाए जाएं।