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11 साल से हरियाली सींच रहे हैं ‘पेड़ वाले बाऊजी’

7 वर्ष पहले
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रंगबाड़ीनिवासी रामगोपाल दिनभर खराब टेलीफोन और उनकी लाइनों को सुधारते हैं, लेकिन इस सब के बीच समय निकालकर सुबह-शाम पर्यावरण की सेवा कर रहे हैं। बीते 11 साल में उनके जज्बे से एक ज्यादा से ज्यादा पौधे भरे-पूरे वृक्ष बन चुके हैं।

इसके लिए वे तो किसी संस्था का सहयोग लेते हैं और कोई फंड। पौधों को पानी देने के लिए भी पीपों में पानी भरकर दूर से साइकिल पर लादकर लाते हैं। सड़क किनारे खाली जगह मिलते ही पौधारोपण करते हैं और फिर जुट जाते हैं, उसकी सेवा करने में। रामगोपाल अहीर बीएसएनएल में टेलीफोन मैकेनिक हैं। क्षेत्र के लोग अब उन्हें पेड़ वाले बाऊजी के नाम से जानते हैं। वे रोज दिन के 3 घंटे पेड़-पौधों की सेवा में बिताते हैं। 2003 से शुरू हुआ ये सिलसिला अब उनकी दिनचर्या बन चुका है। सुबह 5 बजे उठना और साइकिल पर पानी की तीन कैन, पॉलीथीन में पौधे, आगे हैंडल पर कुल्हाड़ी और फावड़ा लेकर वे निकल पड़ते हैं मेडिकल कॉलेज रोड, रंगबाड़ी रोड गोबरिया बावड़ी रोड पर पौधों को संभालने के लिए। जहां सड़क किनारे खाली स्थान मिला वहीं नीम, पीपल, बड़, गूलर और जामुन में पौधे लगा दिए। उसी क्षेत्र में उग रहे बबूल से झाड़ियां काटकर पौधे के आसपास बाड़ बनी दी। रास्ते में पड़ने वाले सरकारी नल हैंडपंप से वे पानी की कैन भरते हैं और पौधों को पानी देते हैं। जिन पौधों के आसपास से जानवरों ने बाड़ हटा दी, वहां फिर से बाड़ लगाते हैं और 8 बजे तक वापस घर लौट आते हैं। फिर तैयार होकर ऑफिस पहुंच जाते हैं।

ऐसे लाते हैं पेड़ों के लिए पानी

सरकारी नौकरी से समय निकालकर सुबह-शाम पर्यावरण सुधारने में जुटे हैं रामगोपाल

हर साल मनाते हैं पेड़ों का जन्मदिन

रामगोपाल रोज सुबह साइकिल पर पीपों में पानी भरकर पेड़ों में डालने के लिए लाते हैं।