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झालावाड़ सुपर थर्मल में स्टीम लाइन टूटी, बिजली उत्पादन ठप
बॉयलरकी स्टीम लाइन टूट जाने से शनिवार को सुबह 9 बजे झालावाड़ के सुपर थर्मल पावर प्लांट की 600 मेगावाट की पहली यूनिट से बिजली उत्पादन ठप हो गया। फिलहाल अगले 20 दिन तक उत्पादन शुरू होने की संभावना नहीं है। ऐसे में एक दिन में 1.20 लाख यूनिट उत्पादन प्रभावित होगा। अधिकारियों ने माना है कि संचालन में तकनीकी गड़बड़ी के कारण घटना हुई है।
शनिवार सुबह छह बजे यूनिट ट्रिप हो गई थी। इसके बाद इंजीनियरों ने तीन घंटे तक सिस्टम को देखने के बाद यूनिट को फिर चालू किया। लेकिन, यूनिट के बॉयलर से टरबाइन तक जाने वाली स्टीम लाइन सुबह 9 बजे टूटकर गिर गई। इसके साथ सपोर्ट में लगे करीब 40 हैंगर भी टूट गए। इससे पूरी मशीनरी ठप हो गई। आनन-फानन में वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और सीआरएच लाइन टूटने के कारणों की जांच शुरू की। चीफ इंजीनियर एसएस मीणा ने कहा कि प्लांट का निर्माण करने वाली कंपनी बीजीआर के अधिकारियों से भी संपर्क किया जा रहा है। अभी नुकसान का आकलन नहीं किया गया है, लेकिन यह लाखों में है। इसे फिर से ठीक करके चालू करने में कम से कम 20 दिन का समय लगेगा।
चलतातो हर दिन कोटा जैसे तीन शहरों को मिलती िबजली
झालावाड़थर्मल की इस इकाई में 500 मेगावाट यानी 24 घंटे में 1.20 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा था। इससे कोटा शहर को 3 दिन तक बिजली की सप्लाई की जा सकती है। कोटा शहर में लगभग 40 लाख यूनिट प्रतिदिन की खपत है। 20 दिन इकाई के बंद रहने से 2 महीने तक कोटा शहर को दी जाने वाली बिजली के बराबर नुकसान होगा।
पहलीबार हुई बड़ी घटना
थर्मलको चलते हुए करीब एक साल हो चुका है और संचालन के समय तकनीक गड़बड़ी के चलते प्लांट में पहली बार इतनी बड़ी घटना हुई है। घटना के बाद से ही चाइनीज इंजीनियर, निर्माण कंपनी बीजीआर और आरयूवीएनएल के अभियंता मौके पर जुटे हुए हैं।
झटका लगने से हुआ हादसा
^स्टीमलाइन में झटका लगने की वजह से पाइप लाइन डैमेज हो गई है। हैंगर टूटने से लाइन चार से पांच फीट नीचे गई है। काफी संख्या में हैंगर टूट गए हैं, जो मंगवाने पड़ेंगे। संचालन में तकनीकी गड़बड़ी की वजह से ये घटना घटी है। इसको सही करने में कम से कम 20 दिन लगेंगे। -एसएसमीणा, चीफइंजीनियर
झालावाड़. सुपरथर्मल पावर प्लांट में टूटी स्टीम पाइप लाइन।