कोटा. नगर निगम चुनावों से ही कांग्रेस में चल रही गुटबाजी शनिवार को भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में खुलकर सामने गई। पंकज मेहता गुट के प्रदर्शन कर निकलते समय समर्थकों के साथ पहुंचे गुड्डू मेहता और जिलाध्यक्ष गोविंद शर्मा से कहासुनी हो गई। मेहता ने बीच-बचाव किया। इनका मामला शांत होने के बाद क्रांति तिवारी गुट अलग से प्रदर्शन करने पहुंचा।
भाजपा सरकार का एक साल पूरा होने पर कांग्रेस की तरफ से कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन प्रस्तावित था। सबसे पहले शहर प्रदेश महासचिव पंकज मेहता, जिलाध्यक्ष गोविंद शर्मा, देहात अध्यक्ष रुक्मणि मीणा, पूर्व मंत्री रामगाेपाल बैरवा, पूर्व विधायक पूनम गोयल, पूर्व यूआईटी अध्यक्ष रवीन्द्र त्यागी, प्रधान कांति गुर्जर के साथ कार्यकर्ता दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट पर पहुंच गए। भाषणों के बाद ये लोग जब एडीएम को ज्ञापन देने गए, तभी प्रदेश सचिव नईमुद्दीन गुड्डू अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन करने पहुंच गए। जब उनको पता चला कि उनका इंतजार किए बिना ज्ञापन देने चले गए, तो वे भी एडीएम कक्ष पहुंच गए। वहां से लौटने के बाद कलेक्ट्रेट गेट पर वे आपस में भिड़ गए। गुड्डू ने पंकज मेहता से कहा कि पंकज जी ऐसे नहीं चलेगा। 11 बजे तक आप 10 कार्यकर्ता एकत्रित नहीं कर पाए थे। दो-दो अध्यक्ष होने के बावजूद भीड़ नहीं जुटी। भीड़ तो मैं लेकर आया हूं। और मेरा इंतजार नहीं किया गया। कांग्रेस किसी एक व्यक्ति की बपौती नहीं है। इस पर शहर अध्यक्ष गोविंद शर्मा बीच मेें बोल पड़े कि हम 12 बजे सर्किट हाउस से रवाना हुए हैं। उनकी गुड्डू से तकरार होने वाली थी कि पंकज मेहता ने शांत करवाया। इसके बाद सभी ने मीडिया के सामने कांग्रेस एकजुट होने की बात कही।
फिर पहुंचा तीसरा गुट
ये सब प्रदर्शन कर चौराहे पर गए तब पीसीसी सदस्य क्रांति तिवारी समर्थकों के साथ वाहन-रैली से पहुंचे। उन्होंने कलेक्ट्रेट गेट पर दो घंटे तक प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष अन्य पदाधिकारी चौराहे पर खड़े तमाशा देखते रहे। तिवारी ने आरोप लगाया कि पीसीसी ने दोपहर 12 से 2 बजे तक समय प्रदर्शन के लिए दिया था लेकिन, जिला इकाई ने इसका पालन नहीं किया। गोविंद शर्मा ने कहा कि एक घंटे इंतजार के बाद वे कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे थे।