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दो अस्पतालों में ऑपरेशन की एक माह तक वेटिंग

7 वर्ष पहले
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कोटा. एमबीएस और न्यू मेडिकल कॉलेज हास्पिटल में आॅपरेशन करवाने के लिए सप्ताहभर से लेकर एक माह तक का इंतजार करना पड़ रहा है। सक्षम मरीज तो वेटिंग देखकर प्राइवेट अस्पतालों में जा रहे हैं, लेकिन भारी खर्च वहन नहीं कर सकने वाले मरीज परेशान हैं।

अधूरे मैन पावर के अलावा दोनों अस्पतालों में 22 की जगह मात्र 12 थियेटर ही काम कर रहे हैं। इनमें से 6 एमबीएस और 6 थियेटर नए अस्पताल में हैं। अस्पतालों में 14 एनेस्थेटिक डाक्टर्स पर्याप्त नहीं हैं। यही कारण हैं कि अपेंडिक्स, गाल ब्लेडर, हर्निया के 60, आर्थोपेडिक के 26 और न्यूरोलॉजी में स्पाइन सर्जरी के 22 आॅपरेशन वेटिंग चल रहे हैं।

सर्जरी विभाग: सर्जरीविभाग की तीन यूनिट एमबीएस और दो यूनिट नए अस्पताल में चल रही है। यहां अपेंडिक्स, तिल्ली, पथरी, गॉल ब्लेडर, पेनक्रियाज हार्निया के 18 ऑपरेशन होते हैं। अभी सात दिनों तक की वेटिंग चल रही है और 57 रोगी कतार में है। कारण यह है कि एमबीएस में दो और नए अस्पताल में एक टेबल ही विभाग को मिली है।

आर्थोपेडिक: आर्थोपेडिक विभाग की चार यूनिट है। यहां ऑपरेशन के लिए 12 टेबल मिलती है, जबकि पहले 16 टेबल यहां थी। 12 ऑपरेशन रोज होने के बाद भी सात दिन की वेटिंग चल रही है। अभी जनरल सर्जरी के साथ अन्य सर्जरी विभाग में शुरू होने से हड्डी जोड़ के ऑपरेशन वाले 26 रोगी लाइन में हैं।

न्यूरोसर्जरी: न्यूरोसर्जरी की केवल एक ही यूनिट चल रही है और केवल एक ही न्यूरोसर्जन काम कर रहे हैं। ऐसे में रोजाना दो ऑपरेशन ही हो पाते हैं। स्पाइन सर्जरी 22 मरीज इंतजार में हैं और यहां एक माह तक की वेटिंग है।