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कोई नहीं आया िसटी बसें चलाने

7 वर्ष पहले
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कोटा. 34 लो-फ्लोर बसों को संचालित करने के लिए कोई भी कंपनी तैयार नहीं है। निगम ने इसे संचालित करने के लिए आवेदन मांगे थे। शुक्रवार को निविदा की अवधि समाप्त होने पर एक भी आवेदन नहीं मिला। हालांकि अभी ई-टेंडर साइट सोमवार को खोली जाएगी। उधर, निजी बस मालिक संघ के अध्यक्ष सत्यनारायण साहू ने कहा कि पता ही नहीं चला कि निगम ने निविदा कब जारी कर दी।

पिछले कांग्रेस शासन में दस करोड़ रुपए से अधिक की लागत से शहर के लिए 34 लो-फ्लोर बसें खरीदी गई थीं। इन्हें संचालित करने की जिम्मेदारी रोडवेज प्रशासन को दी गई, लेकिन दो बसों को कुछ महीने संचालित करने के बाद इन्हें चालकों की कमी के चलते बंद कर दिया गया। रोडवेज प्रशासन ने इन्हें संचालित करने से भी इंकार कर दिया। अब निगम प्रशासन इसके लिए संचालक तलाश रहा है। जो इन बसों को चलाएं और उनसे होने वाली आमदनी की रािश निगम को एक मुश्त दें या लें। इसके लिए निविदाएं जारी कर दीं गईं। इसकी अंतिम तिथि 12 दिसंबर थी। इसकी व्यवस्था देख रहे एक्सईएन सुभाष अग्रवाल के अनुसार समय सीमा पूरी होने तक तो किसी भी फर्म ने रुचि नहीं दिखाई, ई-टेंडर से किसी ने फॉर्म भरा होगा तो उसकी जानकारी 15 दिसंबर को मिलेगी। उन्होंने कहा कि जयपुर के अलावा अन्य किसी भी शहर में लो-फ्लोर बसों को संचालित करने के लिए कोई फर्म तैयार नहीं हुई है। निगम के पास संसाधनों का अभाव है, इसलिए निगम इन्हें संचालित नहीं कर सकता।

कुन्हाड़ी के वर्कशॉप में खड़े-खड़े ही चमचमाती सिटी बसों पर धूल की परत मोटी होती जा रही है। इनकी वारंटी भी खत्म हो चुकी है। अगर निगम इन्हें किसी दूसरी कंपनी से ही चलवाना चाहता है तो ये कम से कम अप्रैल से पहले सड़क पर नहीं सकती हैं।