कोटा. शहर के शक्तिनगर, प्रतापनगर और बोरखेड़ा इलाके में माइग्रेन के तीन गुना, साइनस एलर्जी के दो गुना, अस्थमा के 6 गुना और चर्म के तीन गुना रोगी हैं। इसका प्रमुख कारण थर्मल का प्रदूषण बताया जा रहा है। यह बात सिंघानिया स्कूल के पांच छात्रों के सर्वे में सामने आई है। शक्तिनगर और प्रतापनगर में तो कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा भी ज्यादा है।
11वीं साइंस के छात्र एलवीना , अर्चिता, जय, शिवम और रौनक ने स्कूल में बायोलॉजी पढ़ाने वाली टीचर अनुपमा शर्मा के निर्देशन में यह काम किया। शक्तिनगर, प्रतापनगर में 45 घर और बोरखेड़ा के महालक्ष्मीपुरम, महालक्ष्मी एनक्लेव आसपास के 47 घरों में सर्वे यह आंकड़े सामने आए हैं। 450 लोगों से पूछे गए सवालों में शक्तिनगर और प्रताप नगर के इलाके में हर रोग के रोगी ज्यादा पाए गए हैं।