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मुश्किल है एक महीने में मिनी अकेलगढ़ को हैंडओवर करना
ये काम हैं अधूरे
पिछले दिनों जलदाय मंत्री किरण माहेश्वरी ने संभाग स्तरीय बैठक में अधिकारियों को आदेश दे दिए कि उसी दिन मिनी अकेलगढ़ को यूआईटी से जलदाय विभाग को हैंडओवर करो। लेकिन, रात होते-होते मंत्री ने खुद ही समय सीमा एक महीने के लिए बढ़ा दी। लेकिन, प्लांट से संबंधित जो काम अभी बचे हुए हैं, उन्हें एक महीने में पूरा किया जाना मुश्किल है। ऐसे में फिलहाल बची हुई कॉलोनियों को मिनी अकेलगढ़ का फायदा मिलना संभव नहीं लग रहा है। यूआईटी अधिकारी भी दबी जुबान में इसे मान रहे हैं। यूआईटी ने कांग्रेस शासन में सकतपुरा में 130 एमएलडी के प्लांट का निर्माण 160 करोड़ रुपए खर्च से करवाया था। लेकिन, आज भी योजना का कई क्षेत्रों में काम अधूरा है। इसलिए, योजना का पूरा लाभ अब भी जनता को नहीं मिल रहा है। जहां लाइन बिछ चुकी है, वहां कनेक्शन नहीं हुए हैं। पंपिग स्टेशन में भी छोटे-मोटे काम बाकी हैं।
योजना कोटा उत्तर विधानसभा क्षेत्र के सभी इलाकों में पूरे प्रेशर में पानी पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई गई थी। इसमें पटरी पार नदी पार क्षेत्र की कॉलोनियां शामिल हैं। पटरी पार क्षेत्र में कालातालाब, प्रताप कॉलोनी, बाबा कॉलोनी, जगदम्बा कॉलोनी, जेपी कॉलोनी में अभी भी पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी।
इसी प्रकार कमला उद्यान, बालाजी टाउन में भी स्थिति पहले की तरह ही है। कालातालाब सहित कई क्षेत्रों में पानी की पाइप लाइन तो बिछा दी गई, लेकिन अभी तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। मिनी अकेलगढ़ को जब पीएचईडी को सौंपने का मामला जलदाय विभाग की मंत्री के सामने बैठक में जनप्रतिनिधियों ने उठाया तो उन्होंने इस समस्या का शीघ्र निराकरण करने की बात कही। अधिकारियों की बैठक हुई, लेकिन इसे पीएचईडी को इसलिए नहीं सौंपा जा सका कि योजना के तहत काम अधूरे हैं।
कोटा में ऐसा बन रहा है मिनी अकेलगढ़।