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समस्याएं बताते रो पड़े रेलकर्मी

7 वर्ष पहले
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कोटा| वेस्टसेन्ट्रल रेलवे एंपलाइज यूनियन की रेलकर्मी चेतना यात्रा छठे दिन भी जारी रही। इस दौरान कर्मचारी प्रतिनिधयों ने रेलकर्मियों के कार्यस्थल मकानों पर जाकर उनकी समस्याएं जानीं। सभी समस्याएं रेल प्रशासन तक पहुंचाई जाएगी।

यूनियन के सहायक महामंत्री एसके भार्गव ने गुडला से घाटका बराना तक रेलकर्मियों से जनसंपर्क किया। केशोरायपाटन में फ्लोराइड युक्त पानी रहा है। जिससे रेल कर्मचारी उनके परिवार के सदस्यों पर दुष्प्रभाव पड़ता है। बराना में 6 माह पहले बोरवैल हो चुका है, लेकिन मोटर नहीं लगाई गई है। सचिव बैकुंठ नारायण शर्मा ने कोटा यार्ड में संपर्क कर कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं।

सालपुरामें समस्याओं का अंबार: यूनियनके कोषाध्यक्ष इरशाद खान ने टीआरडी डिपो, पीडब्ल्यूआई छबड़ा के यहां चेतना यात्रा के माध्यम से एफडीआई, पीपीपी के नुकसान के बारे में बताया। सालपुरा में रेलकर्मी अपने मकान की दशा बताते रोने लगा। उसका कहना था कि मकान की छत टपकती है, फर्श टूटा है। पानी साफ नहीं आता है। जिस पर यूनियन पदाधिकारियों ने बूंदी शाखा सचिव गजेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में जालिन्द्री स्टेशन पर चेतना यात्रा की। जिसमें अधिकांश क्वार्टरों के पंखे बंद होने की शिकायत मिली। दरवाजे फर्श टूटे हुए थे। उपरमाल स्टेशन के आवासों में बाउंड्रीवाल नहीं है। श्रीनगर गैंगचाल की रोड लाइट बंद है।

आरोप:अस्पताल में प्रॉपर इलाज नहीं मिलता

लोकोशाखा के अध्यक्ष पंचम सिंह ने बताया कि लोको शाखा की ओर से चेतना यात्रा के दौरान लोको पायलेट एवं गार्डों की कोटा लॉबी में 24 घंटे का बूथ लगाकर स्टाफ की समस्याएं जानीं। वहां पता लगा कि 17 साल से सहायक लोको पायलट के पद पर ही कार्य कर रहे हैं। 100 पद रिक्त चल रहे हैं, लेकिन रेल प्रशासन उन्हें भरने में रुचि नहीं दिखा रहा। रनिंग स्टाफ को रेलवे अस्पताल में प्रॉपर उपचार नहीं दिया जाता है एवं प्रशासन के दबाव में बीमार रहते हुए भी कार्य के लिए फिट कर दिया जाता है। चेतना यात्रा में प्रदीप शर्मा, अनिल कुमार सिंह,मनोज हाड़ा, धर्मेन्द्र खत्री, केके सिंह मौजूद थे।

जीआरपी के एसपी किशन सहाय जवानों के आवासों का निरीक्षण करने के बाद लौटते हुए।