कोटा। डोडा चूरा का ट्रक निकालने के नाम पर 15 लाख की रिश्वत मांगने वाले मोड़क थाने के एसएचओ जोधाराम पर ग्रामीण पुलिस और एसीबी मेहरबान है। एक महीना होने को है और एसएचओ को न तो पुलिस गिरफ्तार कर सकी है और न ही उसे सस्पेंड किया गया है। एसीबी एक महीने से उसकी संपत्ति का आकलन ही कर रही है।
22 अगस्त को एसीबी की टीम ने डोडा चूरे के ठेकेदार भगवती प्रसाद की शिकायत पर मोड़क थाना प्रभारी जोधाराम के दलाल विनोद पारेता को 5 लाख रुपए की रिश्वत के साथ पकड़ा था। उसके बाद से जांच ठंडे बस्ते में पड़ी है। एसीबी ने जोधाराम की गिरफ्तारी के लिए ग्रामीण पुलिस से मदद मांगी है।
इसके बावजूद ग्रामीण पुलिस ने तो उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए और ही सस्पेंशन की कार्रवाई की। एसीबी के एएसपी देवेंद्र शर्मा ने बताया कि जोधाराम की एलआईसी, बैंक अकाउंट अन्य दस्तावेजों के रिकॉर्ड मंगाए जा रहे हैं। उनका निरीक्षण किया जा रहा है। उसके बाद ही संपत्ति का पूरा आकलन हो पाएगा। ग्रामीण एसपी विकास पाठक ने जोधाराम के अनुपस्थित रहने ही जांच रामगंजमंडी डीएसपी को दी थी। वे भी 15 दिन से जांच ही कर रहे हैं।