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कर्म ही हमारे भविष्य की नींव रखते हैं: सुधासागर महाराज

7 वर्ष पहले
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कोटा| मुनिपुंगव सुधा सागरजी महाराज ने आरएसी मैदान में बुधवार को प्रवचन सभा में कहा कि दुनिया में प्रत्येक जीव का नजरिया अलग होता है। इसलिए हमें अपनी सोच बदलनी होगी, ताकि दुनिया को बदला जा सके। कर्म ही हमारे भविष्य की नींव रखते हैं जो भविष्य तय करेगे।

उन्होंने कहा कि बड़ों को अपने पद की गरिमा बनाए रखने के लिए छोटों को देखते रहना चाहिए। जीवन में सकारात्मक सोचो, नकारात्मक नहीं। कर्म करते रहें, लेकिन फल की चाह नहीं करे, तभी जीवन सफल होगा। दिगंबर जैन धर्म प्रभावना समिति के मुख्य संयोजक हुकुम जैन ने बताया कि श्रावक श्रेष्ठी रहे अभय कुमार जैन परिवार ने पादप्रक्षालन महाआरती की।

मुनिश्री ने किया आहार : महावीरनगर प्रथम स्थित पार्श्व नाथ दिगंबर जैन मंदिर में निर्माण कार्य को लेकर कोर्ट ने भूखंड निर्माण का प्रार्थना पत्र खारिज होने पर बुधवार को महामंत्र सागर महाराज ने 11वें दिन बाद अन्न त्याग का प्रण छोड़कर आहार लिया। प्रवचन सभा में महाराज ने कहा कि भगवान का नाम जपने से कुछ नहीं होता इंसान के कर्म ही महत्वपूर्ण हैं। महामंत्र का जाप करो और अपनी रक्षा आप करो। श्रद्धा और विश्वास मत तोड़ो। प्रवचन से पहले मंगलाचरण, दीप प्रज्वलन और पाद पक्षालन किया गया। ऋतु जैन ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए। एडवोकेट संदीप जैन का समाज के पदाधिकारियों ने सम्मान किया। समाज के राकेश गोधा, चातुर्मास समिति अध्यक्ष मिलापचंद अजमेरा,गुलाबचंद लुहाडिया सहित अन्य भक्तजन मौजूद रहे।

प्रवचन के बाद महामंत्र सागरजी ने समाज के लोगों के साथ निर्माण कार्य देखा।