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भारत को स्पेस में अात्मनिर्भर बनाएगा जीएसएलवी एमके 3
तिरुवनंतपुरम. अगरजीएसएलवी मार्क 3 के प्रायोगिक मिशन का परीक्षण कामयाब रहता है तो भारत को भारी संचार उपग्रहों को लॉन्च करने के लिए दूसेर देशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर के डायरेक्टर एम चंद्र दातान ने शनिवार को यह बात कही।
उन्होंने कहा-जीएसएलवी मार्क 3 को नवंबर के पहले हफ्ते में लॉन्च किया जाना है। इससे अंतरिक्ष में भारत में स्वावलंबी बनने में मदद मिलेगी। दातान ने कहा-अभी भारत फ्रेंच गुयाना (एरियन स्पेस के जरिए) से भारी संचार उपग्रह को लॉन्च करता है। प्रायोगिक मिशन के कामयाब रहने पर यह निर्भरता खत्म हो जाएगी। ऑर्बिटर मार्स मिशन के बाद की इसरों की परियोजनाओं के बारे में उन्होंने कहा कि 10 अक्टूबर को श्रीहिरकोटा से पीएसएलवी-सी26 की लॉन्चिंग होगी। यह आईआरएनएसएव आईसी उपग्रह को अंतरिक्ष में ले जाएगा। यह आईआरएनएसएस सीरीज का तीसरा उपग्रह होगा। इसके अलावा और चार उपग्रहों को लॉन्च करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि आईआरएनएसएस सीरीज के सभी सातों उपग्रहों के लॉन्च होने के बाद नेविगेशन के क्षेत्र में भारत स्वावलंबन हासिल कर लेगा।