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16 वेंटीलेटर, 7 खराब पड़े, 12 स्वाइन फ्लू मरीजों पर ही हांफ गया एमबीएस अस्पताल
जान बचाने का जरूरी उपकरण तक नहीं, गंभीर मरीज आने पर हो सकती है दिक्कत
हैल्थ रिपोर्टर|कोटा
स्वाइनफ्लू महामारी का रूप लेता जा रहा है और संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल की व्यवस्थाएं ‘वेंटीलेटर’ पर हैं। मेडिकल कॉलेज के इसी अस्पताल पर पूरे संभाग के स्वाइन फ्लू रोगियों के उपचार का दारोमदार है। लेकिन इस अस्पताल के जिम्मेदारों की संवेदनशीलता देखिए... इस समय भी अस्पताल के 7 वेंटीलेटर खराब पड़े हैं। ऐसे में अगर एक साथ ज्यादा रोगियों को जीवनरक्षक उपकरण की जरूरत पड़ जाए तो रेफर करने के सिवाय कोई चारा नहीं बचता। अस्पताल में संचालित स्वाइन फ्लू वार्ड में भी महज 4 वेंटीलेटर हैं, जबकि रोगी 12 भर्ती हैं। इनमें से 8 तो पॉजिटिव हैं और शेष 4 को संदिग्ध मानकर भर्ती किया हुआ है। गुरुवार को इनमें से दो को वेंटीलेटर पर लिया हुआ था। इसके अलावा जो स्टाफ स्वाइन फ्लू से जंग लड़ रहा है, उसके पास तो गुणवत्ता वाले मास्क हैं और ही वैक्सीन लग पाई।
दूसरोंके भरोसे
स्वाइनफ्लू वार्ड में वेंटीलेटर भी दूसरे वार्डों से मांगने पड़ रहे हैं। वार्ड में रखे चार में से तीन वेंटीलेटर तो दूसरे वार्ड से मंगवाए गए हैं। स्वाइन फ्लू वार्ड की प्रभारी डॉ. दीप्ति शर्मा ने 4 वेंटीलेटर की डिमांड पहले ही भेजी हुई है, लेकिन एक भी नया नहीं आया।
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एमबीएस के स्टोर में बंद पड़ें हैं खराब वेंटीलेटर, वहीं स्वाइन फ्लू वार्ड और लैब में तैनात नर्सिंगकर्मियों को अच्छे मास्क तक नहीं मिले हैं।