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24 माह का प्रोबेशन पूरा, वेतन फिर भी अधूरा

6 वर्ष पहले
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पंचायतीराजविभाग ने सितंबर 2012 में तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती की है। इन शिक्षकों का चौबीस माह का प्रोबेशन टाइम (परिवीक्षा काल) सितंबर 2014 में पूरा हो गया। परंतु परिवीक्षा काल को पांच माह बीत जाने के बाद भी शिक्षकों को स्थायी नहीं किया गया है, जिससे उन्हें पूरा वेतन नहीं मिल रहा है। प्रोबेशन टाइम में 12 हजार रु. वेतन दिया जा रहा है, जबकि 27 हजार रु. फिक्सेशन वेतन का भुगतान किया जाता है।

26हजार शिक्षकों को तो मिले वेतन:नवनियुक्त शिक्षकसंघ के सदस्य महिपाल चारण ने बताया कि भर्ती को अनारक्षित वर्ग ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने आरटेट में 60 प्रतिशत अंक से नीचे वाले अभ्यर्थियों की भर्ती को असंवैधानिक माना था। पर पूर्ववर्ती सरकार ने इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी। अभी तक मामले का फैसला नहीं आया है। उधर, मामले की सुनवाई 20 मार्च 2015 होनी है। चारण ने कहा कि प्रदेशभर में 40 हजार शिक्षक प्रोबेशन काल में हैं। इनमें से 26 हजार शिक्षकों के 60 प्रतिशत अंक आरटेट में हैं। कम से कम सरकार को इन्हें तो स्थाई करना चाहिए।

मार्गदर्शनमांग रखा है

शिक्षकोंकी मांग पर पंचायतराज विभाग से दो तीन बार मार्गदर्शन मांगा है। मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन होने से हम कुछ नहीं कह सकते।

-कल्पनाअग्रवाल, मुख्यकार्यकारी अधिकारी, कोटा

कोर्टके निर्देश का इंतजार

वर्ष2012 तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती का मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट का निर्णय आने का सरकार इंतजार कर रही है।

-वासुदेवदेवनानी, शिक्षाराज्यमंत्री