झोलाछाप डॉक्टर को दो साल की सजा
कोटा|बिना लाइसेंसदवाइयां बेचने के मामले में न्यायालय ने गुरुवार को एक झोलाछाप डॉक्टर को दो साल की सजा सुनाई। तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर देवेन्द्र गर्ग ने 1998 में विज्ञान नगर निवासी श्याम बिहारी को बगैर लाइसेंस दवाइयां बेचते पकड़ा था। उसके खिलाफ 1999 में कोर्ट में केस हुआ। न्यायालय ने आरोपी को ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत दोषी मानते हुए दो साल की सजा 1.40 लाख रुपए के अर्थ दण्ड से दंडित किया है।