शहर में पहली बार होगी वाल्मिकी रामायण
कोटा| शहरमें दो दिनों बाद पहली बार वाल्मिकी रामकथा होने जा रही है। 10 से 18 दिसंबर तक रोजाना चलने वाली इस कथा का वाचन राष्ट्रसंत स्वामी गोविंददेव गिरी करेंगे।
वाल्मिकी कथा की खासियत यह है कि इसमें कथा से पूर्व वाल्मिकी-नारद संवाद और लव-कुश कथा भी होगी। आयोजक गौरव माहेश्वरी ने बताया कि कथा कोटड़ी नाग-नागिन मंदिर के पास स्थित महर्षि दधीचि धाम में रोजाना दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक चलेगी। जिसमें राम जन्म, योग वशिष्ठ उपदेश, सीताराम विवाह, परशुराम प्रसंग, राम-भरत संवाद, सीताहरण, और श्रीराम राज्याभिषेक के प्रसंग सुनाए जाएंगे। श्रीनाथ माहेश्वरी धर्मार्थ सेवा संस्थान की ओर से आयोजित की जा रही कथा में 12 दिसंबर को गायक विनोद अग्रवाल भजनों के माध्यम से प्रभु गुणगान करेंगे।
कलनिकलेगी कलशयात्रा : पहलेदिन बुधवार को गुमानपुरा केनाल रोड स्थित गुजराती समाज भवन से कलशयात्रा निकलेगी, जो प्रमुख मार्गों से होते हुए कथा स्थल तक पहुंचेगी। जिसमें राधा-कृष्ण, सबरी के बैर जैसी 5 जीवंत झांकियां आकर्षण का केन्द्र रहेगी। कलशयात्रा में 1000 से ज्यादा महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश लेकर चलेगी।