पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • कागज ढूंढने निकले तो पता चला कि पौने चार साल से गैराज में खड़ी है एंबुलेंस

कागज ढूंढने निकले तो पता चला कि पौने चार साल से गैराज में खड़ी है एंबुलेंस

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
लंबे समय तक खड़ी रहने से ये हुआ नुकसान

अपनी एंबुलेंस बेकार खड़ी है और 15 हजार में ले रखी है किराए पर

दान में आए वाटर कूलर एसी की भी बेकद्री

अमरलाल को सौंपी थी एंबुलेंस

चारमहीने पहले दान में मिली एंबुलेंस के खोए दस्तावेजों के मामले में सोमवार को नया खुलासा हुआ। मेडिकल कॉलेज को जो दस्तावेज मिले, उनसे पता चला कि गैराज में खड़ी एयर कंडीशंड एंबुलेंस तो पौने चार साल से यहीं खड़ी है। जबकि, जिसके कागज ढूंढे जा रहे थे, वह एंबुलेंस सड़क पर दौड़ रही है। इधर, खुद की एंबुलेंस गैराज में होने के बावजूद कॉलेज प्रशासन ने 15 हजार रुपए महीने की दर से एक एंबुलेंस किराए पर ले रखी है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने 9 मार्च 2011 को जो एंबुलेंस दी थी, वह आधुनिक उपकरणों से लैस है और एक बार में चार मरीजों को ला सकती है। सोमवार को हुई घटना से सामने आया कि अस्पताल और मेडिकल काॅलेज को पता ही नहीं कि उनके यहां दान में क्या-क्या आया है और उनका उपयोग हो रहा है या नहीं।

नए अस्पताल में एंबुलेंस की आवश्यकता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने एंबुलेंस चालक की मांग की थी। पिछले दिनों एक चालक की परमिशन मिली तो अस्पताल प्रशासन ने एंबुलेंस तलाशना शुरू किया। जांच में केवल यह पता चल पाया कि चार महीने पहले एक एंबुलेंस दान में मिली है। लेकिन, उसके दस्तावेज नहीं मिले। लगातार तीन दिन की जांच के बाद सोमवार को पता चला कि चार महीने पहले मिली छोटी एंबुलेंस के दस्तावेज भी हैं और रजिस्ट्रेशन भी। वह तो सड़क पर दौड़ रही है। जबकि, गैराज में खड़ी एंबुलेंस पौने चार साल पहले मिली थी।

एमबीएस में खराब पड़ा वाटर कूलर।