कोटा। भवानीमंडी के ही नहीं इस बार बाजार चित्तौड़गढ़ जिले के संतरों से भी महक रहा है। शहर की थोक फल-सब्जी में मंडी में दोनों ही जगह के संतरे आ रहे हैं। लेकिन, खट्टा-मीठा स्वाद चित्तौड़ के संतरों में महसूस किया जा रहा है। क्वालिटी और स्वाद में यह ज्यादा पसंद किया जा रहा है।
थोक फ्रूट एंड वेजीटेबल मर्चेन्ट यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक बाटवानी ने बताया कि थोक मंडी में रोजाना 12 टन संतरे की आवक हो रही है। जिसमें से दो टन संतरा चित्तौड़ जिले के रावतभाटा के आसपास के इलाकों से आ रहा है। उन्होंने बताया कि भवानीमंडी के संतरों में अभी मिठास नहीं है। इसलिए ग्राहक महंगा होने के बावजूद रावतभाटा का संतरा मांग रहे हैं। उन्होंने बताया कि भवानीमंडी का संतरा थोक में दो से पांच रुपए किलो और रावतभाटा का 12-13 रुपए किलो बिक रहा है। इन दिनों मौसमी फलों में संतरे के साथ-साथ सीताफल, अमरूद, चीकू, पपीता, पाइनेपल, केले और मौसंबी की आवक हो रही है।
थोक में सेब हुए महंगे
कश्मीर से सेब की आवक घटने से पिछले कुछ दिनों से सेब की आवक घटकर 50 टन की जगह 20 टन रह गई है। इससे सेब के भाव में 10 से 20 रुपए किलो की तेजी आ गई है। थोक में सेब 40 से 60 रुपए किलो बिक रहे हैं। अच्छी किस्म का सेब 60 रुपए है। एक महीने पहले यही सेब 30 से 35 रुपए किलो तक बिक रहा था।