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51 शक्तिपीठों की 108 देवियों के कोटा में होंगे दर्शन, 5 मार्च को मुख्य आयोजन

5 वर्ष पहले
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कोटा. छप्पनभोग परिसर में दुनियाभर में विराजमान 51 शक्तिपीठों की 108 देवी प्रतिमाओं के दर्शन होंगे। नवदुर्गा देवी महायज्ञ के तहत 4 से 6 मार्च तक भारत की 42 शक्तिपीठ के अलावा बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका, नेपाल तथा चीन स्थित शक्तिपीठों की देवियों के दर्शन भी यहां होंगे।
देवियों को आकार देने के लिए कोलकाता से आए 10 कारीगर पिछले एक माह से दिन-रात लगातार जुटे हुए है। कैलादेवी चामुंडा मित्र मंडल ट्रस्ट की ओर से होने जा रहे इस महोत्सव की शुरूआत 24 फरवरी को सप्तचंडी यज्ञ से होगी। 5 मार्च को मुख्य आयोजन होगा। महोत्सव में 108 क्विंटल देशी घी से विभिन्न मिठाइयां बनाई जाएगी।
मूर्तियाें का कुंड में होगा विसर्जन

आयोजक अशोक अग्रवाल ने बताया कि 108 देवी प्रतिमाओं के अलावा 17 नवदुर्गा की 17 फीट ऊंची मूर्तियां आकर्षण का केन्द्र रहेंगी। समस्त मूर्तियां मिट्टी की है, जो 17 जनवरी से लगातार बन रही है। इन मूर्तियों का विसर्जन छप्पनभोग परिसर में विशेष कुंड बनाकर किया जाएगा। झांकियों में पहली बार काजू, बादाम, पिस्ता, इलायची आदि के दिव्य महल बनाए जाएंगे। महायज्ञ में जगतगुरु शंकराचार्य, आत्मानंद सरस्वती, ज्योतिष पीठ बद्रीनाथ के वासुदेवानंद सरस्वती, अयोध्या के रसकपीठाधीश्वर जनमेजय महाराज समेत कई सन्तों का सानिध्य मिलेगा।

5 मार्च के मुख्य आयोजन

- सुबह 8 से: रामधाम आश्रम से छप्पन भोग परिसर तक कलशयात्रा निकलेगी।
- सुबह 9 से: दुर्गा सप्तशती के 700 श्लोकों से यज्ञ में आहुतियां दी जाएगी।
- दोपहर 3 से: भगवान गणेश, मां काली सहित अन्य देवताओं की वंदना होगी।
- रात 8 से: विशाल जागरण होगा। जिसमें विभिन्न टीवी व अन्य कलाकार प्रस्तुति देंगे।
- रात 9 से: उड़ते हुए हनुमान, नृत्य करते शंकर पार्वती सहित विभिन्न झांकियों के दर्शन होंगे।
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