बेटियां बचाने के लिए दंपती ने बेच दिए स्कूल और प्लॉट
कोटा| बेटीबचाने की मुहिम में पैसों की कमी आड़े आई तो डूंगरपुर के एक दंपती ने अपना स्कूल और प्लाॅट तक बेच दिया। अपनी ढाई साल की बेटी को प्रेरणा मानते हुए बीके भारतीय और नीता भारतीय अब तक राजस्थान के 120 विधानसभा क्षेत्रों में जाकर बेटी बचाने और बेटी पढ़ाने का संदेश दे चुके हैं। वे शनिवार से कोटा में हैं। ऑडियो के साथ लोगों के मिलकर वे गर्ल चाइल्ड का महत्व और जरूरत समाज को बता रहे हैं। यात्रा 17 सितंबर से बांसवाड़ा के त्रिपुरा मंदिर से शुरू हुई थी। दपंती डूंगरपुर में एक निजी स्कूल चलाते थे। वहीं सामाजिक कामों से जुड़े हुए थे। बेटी किम के होने के बाद उन्होंने छोटे स्तर पर चल रहे बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ अभियान को बड़े स्तर पर करने की ठानी। दपंती ने अपने स्तर पर पैसोंं की व्यवस्था की और अभियान के लिए निकल पड़े। भारतीय बताते हैं कि अगर कुछ लोग भी उनके संदेश को अपने जीवन में उतारते हैं तो वे अभियान को सफल समझेंगे। शेष| पेज 11