आईएल की देनदारियाें का सच: आधा पैसा तो सरकार की जेब में ही जाना है
सरकार को दिया था यह सुझाव: देनदारियोंको लेकर आईएल प्रबंधन ने सरकार को सुझाव दिया था। इसमें जयपुर के सीतापुरा और मालवीय नगर की जमीनों को बेचने से 150 करोड़ और कोटा में चिह्नित 10 एकड़ जमीन को बेचने से 200 करोड़ की अनुमानित आय बताई गई थी। सरकार इस प्लान को क्रियान्वित कर दे तो आसानी से लगभग 400 करोड़ रुपए मिल सकते हैं।
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कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन, व्यापािरयों ने दुकानों पर लगाए काले झंडे
आईएल को शुरू करने की मांग को लेकर कांग्रेसियों ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं, कोटड़ी व्यापार संघ नें दुकानों पर काले झंडे लगाकर विरोध जताया। इंद्रा मार्केट और कपड़ा मार्केट में भी दुकानदारों को काले झंडे बांटे गए।