वाहन पार्किंग के लिए दबाव बनाकर चारदीवारी में खुलवा दिए 6 रास्ते
निगमप्रशासन ने किशोरपुरा साजीदेहड़ा के पास से सीएडी तक एलीवेटेड रोड बनाया है। यह रास्ता आवागमन के लिए रहेगा। ताकि मेले के बीच होकर आने-जाने में लाेगों को राहत मिल सके। उपायुक्त अशोक त्यागी ने बताया कि यह मार्ग सीएडी चौराहे से किशोरपुरा थाने के पास होकर नाले तक जाएगा। इसके आगे यह एलीवेटेड रोड पर आकर मिलेगा। इसका काम चल रहा है। बीच में रहे अतिक्रमणों को हटाया जा रहा है।
किशोरपुरा से साजीदेहड़ा के पास सीएडी तक एलीवेटेड रोड बनाया जाएगा।
किशोरपुरा की ओर खुले रास्ते को नगर निगम प्रशासन बंद कराना चाहता है।
डवलपमेंट रिपोर्टर. कोटा
प्रगतिमैदान की तर्ज पर दशहरा मैदान को विकसित करने के लिए कंसल्टेंट ने मैदान को खाली कराने के साथ चारदीवारी करने के लिए कहा था। किशोरपुरा की ओर हो रही चारदीवारी के काम में स्थानीय लोगों ने अड़ंगा लगा दिया है। यहां काम कर रहे ठेकेदार और मजदूरों पर दबाव बनाकर लोगों ने छह रास्ते खुलवा दिए। ताकि दशहरा मैदान में उनका सीधा प्रवेश बना रहे और उनके वाहनों की पार्किंग के लिए जगह मिल सके। जानकारी होने पर नगर निगम इन रास्तों को बंद करवाना चाहता है, लेकिन स्थानीय पार्षद कुछ लाेग इसका विरोध कर रहे हैं।
कंसल्टेंट आभानारायण लांबा ने इस मैदान की प्रगति मैदान की तर्ज पर डीपीआर तैयार करने से पहले मैदान को खाली करवाने इसकी चारदीवारी करने के लिए कहा है ताकि डीपीआर ठीक से बन सके। निगम प्रशासन इसके चारों ओर चारदीवारी करवा रहा है। पशु मेले की ओर से पूर्व में ही अतिक्रमण हटाकर चारदीवारी बना दी गई है। अब आशापाला मंदिर से किशोरपुरा दरवाजे तक चारदीवारी की जा रही है। पूर्व में दशहरा मैदान से किशोरपुरा की ओर जाने वाले एक मार्ग को बंद करने पर विरोध हुआ तो यहां पर केवल दुपहिया वाहनों के लिए ही आने-जाने की जगह रखते हुए पाइप लगा दिए गए, लेकिन इसके आगे चार स्थानों पर चार पहिया वाहनों के आवागमन के लिए रास्ता छोड़ दिया गया। जबकि इसका कोई प्रावधान चारदीवारी बनाने में नहीं है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि यहां से सामने की ओर रहने वाले लाेगों का सीधा आवागमन बना हुआ है। वे अपने वाहनाें को मैदान में लाकर खड़े करते हैं, जिससे वे चारदीवारी को बनने नहीं दे रहे। जब पहले ही दो स्थानों पर जगह छोड़ दी गई तो फिर बाकी चार स्थानों पर रास्ता क्यों। इस मामले में इंजीनियरिंग विभाग और उपायुक्त की ओर से महापौर तथा आयुक्त को सूचना दे दी गई है। उनका कहना है कि इतने रास्ते बनाने से चारदीवारी का औचित्य ही समाप्त हो जाएगा।
स्वयंदेखकर करूंगा कार्रवाई
^मुझेइसकी जानकारी नहीं है। अब यह मामला मेरी जानकारी में आया है। इसमें देखा जाएगा, जहां आवश्यकता होगी, वहीं पर दरवाजा रखा जाएगा। जो अनावश्यक है, उसे बंद करवाया जाएगा। -शिवप्रसादएम नकाते, आयुक्त