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समाज का साहित्य से दूरी बनाना घातक: चतुर्वेदी

5 वर्ष पहले
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सृजनसाहित्य एवं सांस्कृतिक समिति कोटा की ओर से रविवार को व्यंग्यकार एवं कवि डॉ. अतुल चतुर्वेदी को सृजन साहित्य सम्मान-2016 एवं दिवंगत पं. रामनारायण दाधीच स्मृति सम्मान दिया गया। केशवपुरा स्थित एमडी मिशन कैंपस में हुए समारोह में मुख्य वक्ता वरिष्ठ साहित्यकार अंबिका दत्त चतुर्वेदी ने कहा कि पहले लोग साहित्य को बेहतर ढंग से पढ़ते और समझते थे। समाज में साहित्य, साहित्यकारों और लेखकों को तब्ज्जो दी जाती थी। लेकिन, आज समाज निरंतर साहित्य से दूरी बनाता जा रहा है, जो घातक है। इसका असर नई पीढ़ी पर पड़ रहा है, वो हमारे बेहतर साहित्यकारों और उनके साहित्य से परिचित नहीं हो पा रहे। वरिष्ठ साहित्यकार औंकार नाथ चतुर्वेदी ने वर्तमान पीढ़ी में कमजोर होते जा रहे संस्कारों पर प्रहार किया। अध्यक्षता कर रहे एमडी मिशन के निदेशक राज दाधीच ने कहा कि कोचिंग छात्रों द्वारा सुसाइड करने के पीछे सबसे अहम कारण माता-पिता द्वारा बच्चों पर डाला जाने वाला दबाव है। मुख्य अतिथि के रूप में कोटा विश्वविद्यालय के कुलपति प्राे. पीके दशोरा मौजूद रहे।

16साहित्यकारों का हो चुका है सम्मान: समितिअध्यक्ष राजेन्द्र पंवार ने बताया कि 2001 में समिति ने साहित्यकारों का सम्मान करने का बीड़ा उठाया। अब तक कुल 16 साहित्यकारों का सम्मान समिति कर चुका है। 16वें साहित्यकार डॉ. अतुल चतुर्वेदी को इस मौके पर नगद राशि, शॉल, साफा और प्रतीक चिह्न भेंट किया गया। समिति के आनंद हजारी ने प्रतिवेदन और कवि अश्विनी त्रिपाठी ने सम्मान पत्र का वाचन किया।

डॉ. अतुल चतुर्वेदी को सम्मानित करते कुलपति प्रो. पीके दशोरा।

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