ऐसे तो ठेकेदार करेंगे चोरी श्रमिकों को देंगे कम पैसा
नगरनिगम ने सुरक्षागार्ड, श्रमिकों की आपूर्ति के लिए करीब एक करोड़ रुपए की निविदाएं जारी की है। इसमें ठेकेदारों से केवल न्यूनतम दर, ईएसआई पीएफ के साथ ही दरें देने के लिए कहा गया है। इसमें राज्य सरकार के टैक्स अलग से ठेकेदार को ही देने होंगे। जबकि पहले यह न्यूनतम दर के साथ ही दिए जाते थे। इससे ठेकेदारों द्वारा श्रमिकों सुरक्षा गार्ड को कम दर देने की आशंका पैदा हाे गई है। ठेकेदार जब टैक्स अलग से देगा तो वह चोरी करेगा। इस बारे में कुछ ठेकेदारों ने महापौर को भी शिकायत की है। जारी निविदा में 80 लाख रुपए तो सुरक्षा गार्ड चौकीदार आपूर्ति के लिए तथा 19 लाख की निविदा राजस्व अनुभाग में श्रमिक आपूर्ति के लिए जारी की है। ठेकेदारों का आरोप है कि इसमें टैक्स को अलग करके उन लोगों को फायदा पहुंचाने का प्रयास किया गया है जो टैक्स विभाग में पंजीकृत नहीं है। वे टैक्स देंगे नहीं, जिसका नुकसान सीधा सरकार को होगा। पहले यह टैक्स को न्यूनतम दर में शामिल किया गया था।
इस बारे में मुख्य लेखाधिकारी फूलसिंह मीणा का कहना है कि नियम शर्त को बदलती रहती है। ठेकेदार टैक्स को जोड़कर ही अपनी दरें भरें। हमने तो जो निविदा जारी की है, उसके अनुसार ही दरें मांगी है। ठेकेदारों को आपत्ति है तो वे टैक्स जोड़े लें।