पेरोटिड ग्लेंड में बनी आधा किलो की गांठ का सफल ऑपरेशन
कोटा| मेडिकलकॉलेज के सर्जन ने दो दिन पहले एक बड़ी सर्जरी करने में सफलता हासिल की। पेरोटिड ग्लेंड (उपकर्ण ग्रंथि) से चिपकी करीब 500 ग्राम वजनी गांठ को 5 डॉक्टरों की टीम ने आसानी से निकाल लिया और अब रोगी स्वस्थ है। डॉक्टरों के मुताबिक, अव्वल तो इस ग्रंथि में ट्यूमर होता ही नहीं है। उनका दावा है कि इस रोगी में जिस गहराई में यह ट्यूमर था, वह करीब दस लाख में से एक में होता है।
एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नीरज देवंदा ने बताया कि केशवपुरा में रहने वाली 30 वर्षीय महिला को 9 साल से यह गांठ थी। उसने कई डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन गांठ ऐसी जगह पर थी, जहां सर्जरी करने में कई रिस्क थे। रोगी की आर्थिक स्थिति भी बहुत ज्यादा ठीक नहीं है। गांठ का आकार दिनोंदिन बढ़ रहा था, ऐसे में उसे दर्द होने लगा था। गत दिनों उसने मेडिकल कॉलेज में दिखाया और जांचें कराई तो पता चला कि पेरोटिड ग्लेंड के डीप में यह ट्यूमर है, जो फेशियल नर्व से भी चिपका है। ऑपरेशन में वाकई रिस्क था, क्योंकि ठीक से रिमूव नहीं होने और फेशियल नर्व पर जरा सा प्रेशर बढ़ने से रोगी को लकवा हो सकता था। हालांकि रोगी की सहमति के बाद दो दिन पहले यह ऑपरेशन किया गया। इसमें डॉ. देवंदा की अगुवाई में सर्जरी विभाग के डॉ. प्रद्युम्न गोयल, डॉ. विशाल नैनीवाल तथा एनीस्थिसिया विभाग के डॉ. संजय कालानी डॉ. हंसराज शामिल रहे। करीब 2 घंटे सर्जरी चली, अब रोगी स्वस्थ है।
सफल ऑपरेशन के बाद महिला की हालत में सुधार आया है।