निशुल्क शिविर में हुआ घुटने का ऑपरेशन
कोटा| देईबूंदी निवासी 16 वर्षीय सलोनी एक दुर्घटना में घायल हो गई थी। घुटने में सूजन की वजह से वह चलने में असमर्थ हो गई। परिजन उसे सुधा हॉस्पिटल में चले रहे निशुल्क शिविर में ले आए। जहां आर्थो स्काेपी स्पोर्टस सर्जरी इंजरी विशेषज्ञ डॉ. हितेश मंगल ने जांच में पाया कि घुटने की पटेला यानी नी-केप कुछ ज्यादा ही बाहर गई है। रोगी दोनों पैरों के टेढ़ेपन भी परेशान थी। डॉ. मंगल ने पैर के टेढ़ेपन का आस्टियोटोमी ऑपरेशन कर घुटने के पास की मांसपेशी का ग्राफ्ट निकालकर टेटे हुए लिगामेंट को अत्याधुनिक तकनीक से रिकंस्ट्रक्शन किया।