कोचिंग सेंटरों-होस्टलों में हफ्ते मंे 1 छुट्टी, काउंसलिंग से ही प्रवेश
जयपुर| कोटाकी घटनाओं के सबक लेते हुए शहर जिले के कोचिंग संस्थानों होस्टलों में तनावमुक्त माहौल बनाने के लिए कलेक्टर कृष्ण कुणाल गाइडलाइंस तैयार करवा रहे हैं। उन्होंने संचालकों से एक सप्ताह में लिखित सुझाव मांगे हैंं। प्रतियोगी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से भी सलाह ली जाएगी। गौरतलब है कि प्री-मेडिकल, प्री-इंजीनियरिंग सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए कोचिंग संस्थानों के साथ हजारों विद्यार्थी इन संस्थानों से जुड़े होस्टलों में रहते हैं। वे प्रतिस्पर्धा के कारण डिप्रेशन में जाते हैं। इसी के मद्देनजर कलेक्टर ने सोमवार को कोचिंग होस्टलों के संचालकों से मनोचिकित्सालय के अधीक्षक डाॅ. प्रदीप शर्मा एडीएम (दक्षिण) मुकुल शर्मा के साथ बैठक की।
यहगाइडलाइन बन रही है
{स्टडी करने वाले छात्र कोर्स के बीच में ही संस्थान छोड़ते है तो संस्थान को फीस की शेष राशि लौटानी होगी। छात्रों से ली जाने वाली फीस में भी पारदर्शिता रखनी होगी।
{संस्थान में एक दिन का अवकाश रखना होगा।
{छात्र- छात्राओं की समस्याओं के समाधान के लिए समस्या समाधान केंद्र स्थापित करना होगा।
{छात्रों के लिए स्पोर्ट्स मनोरंजन संबंधी गतिविधियों का प्रावधान जरूरी होगा।
{कोचिंग संस्थान होस्टल संचालक छात्रों के रहने भोजन की व्यवस्था का समय-समय पर जायजा लें। ताकि छात्रों को दिक्कत नहीं हो।
{प्री-मेडिकल प्री-इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए प्रवेश लेने से पहले काउंसलिंग करनी होगी, ताकि उसकी रुचि क्षमता का आंकलन हो जाए।