बिना अंडरपास के लिए बनाया हाइवे, वन्यजीव खतरे में
कोटासे देवली के बीच बने फोरलेन में एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) ने बड़ी खामी छोड़ दी। ऐसी तकनीकी खामी, जो वन्यजीवों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। विकास कार्य में बात-बात पर रोड़ा अटकाने वाले वन विभाग ने भी इस खामी पर कभी ध्यान नहीं दिया। बस चिट्ठियां लिखीं और निर्माण को देखते रहे। असल में इस फोरलेन में बूंदी से आगे हिंडोली के पहले तक 5 किमी ऐसा वन क्षेत्र है, जो प्रस्तावित बायोस्फियर रिजर्व में आता है। वन विभाग, एनएचएआई संवेदक फर्म ने 3 फरवरी, 2012 को एक बैठक कर इस क्षेत्र में 5 जगह अंडरपास एक जगह एक किमी लंबी सुरक्षा दीवार बनाने पर सहमति जताई थी, लेकिन अब हाइवे चालू हो चुका है, लेकिन अंडरपास बने, ही सुरक्षा दीवार। अब सवाल यह कि गंभीर लापरवाही रहने के बावजूद अधिकारियों ने आखिर ठोस कदम क्यों नहीं उठाए?
कनाडा के नेशनल पार्क में जानवरों की जान बचाने के लिए बनाया स्ट्रेक्चर
नीदरलैंड्स का अंडरपास क्रॉसिंग जिससे जानवार आते-जाते हैं।
जयपुर रोड पर बूंदी जेल के पास वन्यजीव सड़क पर जाते हैं, जहां हादसे का खतरा बना रहता है।