पशु चिकित्सा के टिप्स बताए
कोटा |पशुपालनविभाग की ओर से एस्केड योजना के अंतर्गत ऐवियन इन-फ्लूएंजा एंड अदर एक्जोटिक डिजीज पर हुई वर्कशॉप के दूसरे दिन उद्घाटन सत्र में तकनीकी कर्मचारियों ने भाग लिया।
मीडिया प्रभारी डॉ. सोभाग सिंह ने बताया कि मुख्य अतिथि नगर निगम राजस्व समिति के महेश गौतम ने कहा कि पशुपालन ही ऐसा व्यवसाय है, जिसको अपनाकर ही आज की बेरोजगारी को दूर कर सकते हैं। कार्यशाला की अध्यक्षता पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. रामगोप मीणा ने की। राजस्थान पशु चिकित्सक संघ के अध्यक्ष डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि पशु चिकित्सा एक बहुत ही कठिन कार्य है। वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. एलआर गुर्जर, संयुक्त निदेशक डॉ. विनय मोहन वाधवान ने भी संबोधित किया। मेडिकल कॉलेज की डॉ. दीपिका मित्तल ने सीसीएचएफ रोग के बारे में जानकारी दी। तकनीकी सत्र में कृषि विज्ञान केंद्र के पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. महेंद्र गर्ग ने भी विचार व्यक्त किए। अंतिम सत्र में फिजियोलोजिस्ट डॉ. वसुंधरा ने बर्ड फ्लू रोग से बचाव के कार्य करने वालों को पीपीई किट पहनना उतारना, मुर्गियों को मारना निस्तारण करना आदि कि जानकारी उपलब्ध कराई। वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय में दो दिवसीय वर्कशॉप के समापन पर उपनिदेशक डॉ. यशपाल सिंह ने आभार जताया।