अब आसव-अरिष्ठ, पर्पटी और कूपीक्व रसायन की भी होगी एक्सपायरी डेट
कोटा| जड़ी-बूटियोंसे प्राप्त आसव अरिष्ठ, पर्पटी, शर्करा, पिष्टी और भस्म जैसी आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण करने वाली यूनिटों को अब एक्सपायरी डेट लिखनी होगी। आयुष मंत्रालय औषधि और प्रसाधन साम्रगी (7वां संशोधन) नियम-2015 के तहत इनकी एक्सपायरी डेट 10-10 साल लिखनी होगी। देश में आयुर्वेदिक दवाओं की 7,835 तथा यूनानी की 511 यूनिट हैं। आयुर्वेद की सबसे ज्यादा यूनिट उत्तर प्रदेश, दूसरे नंबर पर केरल एवं तीसरे नंबर पर महाराष्ट्र में है। राजस्थान में इनकी 312 यूनिट हैं। परियोजना निदेशक (नेशनल आयुष मिशन) डॉ. गिरधर गोपाल शर्मा का कहना हैै कि आयुर्वेदिक दवाओं में इस्तेमाल किए जाने वाले घटकों की भी बीमारी पर असर निर्धारित अवधि तक होता है। अभी इनके लिए एक्सपायरी डेट नहीं है।