2.85 करोड में संवारा था गार्डन, अब हर झूला खराब
गार्डन में सिविल लाइंस के बच्चे दिनभर खेलने आते हैं, लेकिन उन्हें टूटे झूलों से निराश होना पड़ता है।
नेहरू गार्डन में हाल ही में कई कार्य हुए थे, जिसमे बच्चों के लिए झुले लगए गए थे, लेकिन रखरखाव के अभाव मे वह टुटते जा रहे हैं। फिसलपट्टी में जगह-जगह गड्ढ़े हो गए हैं। बच्चे इस पर फिसलते हैं तो वे चोटिल हो जाते हैं और कपड़े भी फटते हैं। बच्चों को खेलने के लिए इसके अलावा कोई साधन नहीं है।
गार्डन जहां सुबह शाम अधिकारियों का आना जाना रहता है और हाल यह ही कि टूटे झूले तक नहीं सुधर पाए।