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समाधान की उम्मीद में पांच घंटे में 200 लोगों ने कलेक्टर के सामने रोया दुखड़ा

5 वर्ष पहले
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भांडाहेड़ा और चौमा मालियान में जनसुनवाई आज

अतिक्रमण,अवैध निर्माण, पानी, सूखी नहर, बिजली बिल में गड़बड़ी, सार्वजनिक स्थान पर टावर, रिटायर होने के बाद पेंशन नहीं मिलने जैसी समस्याएं गुरुवार को जनसुनवाई में सामने आई। ऐसे मामलों में संबंधित विभागों के अधिकारी शिकायत करने वालों को संतुष्ट नहीं कर पा रहे थे। अधिकारियों के जवाबों से असंतुष्ट कलेक्टर डॉ. रविकुमार सुरपुर ने कहा कि ऐसे नहीं चलेगा। समस्याएं तो सुलझानी ही होंगी। यह नजारा गुरुवार को दिखा कलेक्ट्रेट परिसर के अटल सेवा केंद्र में हो रही जनसुनवाई में। पांच घंटे तक चली सुनवाई में कलेक्टर ने कई मामालों में यूआईटी, नगर निगम, बिजली विभाग वन विभाग के अधिकारियों की कमी को भी उजागर किया।

कलेक्टर ने कहा कि कहीं भी टावर लगता है तो निगम को एनओसी देखनी चाहिए। नहीं है तो उसे हटाया जाए। जब निगम अधिकारी अपने ही कर्मचारी को रिटायर होने के बावजूद पेंशन ग्रेच्यूटी नहीं दिला पा रहे हैं, तो अन्य कामों का क्या होगा। अतिक्रमण हटाने में पोर्टल पर यूआईटी ने गलत जानकारी देने पर उन्होंने कहा कि उसे दुबारा से देखा जाए। उन्होंने लुहावद में पूर्व सरंपच द्वारा गबन की राशि जमा नहीं करवाने पर उसकी संपत्ति कुर्क करने का निर्देश दिया। इसी तरह हरिपुरा मांझी में टेल क्षेत्र तक पानी पहुंचे बिना नहर बंद करने पर उन्होंने सर्वे करवाने को कहा। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति का बिजली का बिल नया मीटर लगाने के बाद अधिक अा रहा है तो उसकी जांच क्याें नहीं की जा रही। पोल हटाने के लिए राशि जमा करवाने के बावजूद उसे क्यों नहीं विभाग के अधिकारी हटा रहे। यह आदत ठीक नहीं है। उधर, आईएल को चलाने की मांग को लेकर विजयसिंह पालीवाल ने कलेक्टर को ज्ञापन दिया।

लोगोंका भरोसा बढ़ा

^जनसुनवाईमें लोगों को भरोसा बढ़ा है। लोगों की समस्याओं का समाधान हो रहा है, इसलिए इसमें लोगों की संख्या बढ़ रही है। गुरुवार को 200 प्रकरणों पर सुनवाई हुई। -डॉ.रवि कुमार सुरपुर, कलेक्टर

कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अटल सेवा केन्द्र में जिला स्तरीय जनसुनवाई करते कलेक्टर।

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