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पिछली मीटिंग में लिए निर्णय पर नहीं हुए काम फिर इस बैठक में उन्हीं मुद्दों पर हुई चर्चा

5 वर्ष पहले
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कोटा| 6माह पूर्व हुई बैठक में निगम की गोशाला का विस्तार करने, नई गोशाला शुरू करने, कायन हाउस का विस्तार करने, एनिकट बनाने, बाउंड्रीवाल बनाने जैसे कई मुद्दों पर सहमति बन चुकी थी। उसके बाद उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को मेयर महेश विजय की अध्यक्षता में हुई गोशाला धर्मादा प्रबंधन समिति की बैठक में दोबारा इन्हीं बिंदुओं पर चर्चा हुई और शीघ्र ही काम करवाने के आश्वासन पर समाप्त हो गई।

समिति अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने बताया कि बैठक में गोशाला समिति का आकस्मिक बजट बढ़ाने का निर्णय लिया गया। साथ ही बंधा धर्मपुरा गोशाला में एनीकट का निर्माण कराने, 20 बीघा जमीन पर बाउंड्रीवाल कर खेळ बनाने तथा टीन शेड बोरिंग लगाने का भी निर्णय लिया गया। उम्मेद गंज में नई गोशाला की जगह चिन्हित करने और एस्टीमेट बनाने के लिए महापौर ने गौशाला प्रभारी अनिल शर्मा को निर्देश दिए। साथ ही बंधा धर्मपुरा गौशाला के लिए एक मिनी ट्रैक्टर हूपर वाहन क्रय करने, गोशाला में जनरेटर पाइप लाइन लगवाने, दो कमरे बनाने का निर्णय भी लिया। बैठक में पार्षद रमेश चतुर्वेदी, बृजमोहन गौड़, चन्द्र प्रकाश सोनी, मोनू कुमारी उपस्थित थे।

ये नए निर्णय लिए

समितिका बजट 1.25 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपए किया जाए। क्योंकि पिछले 1 साल से वहां गायों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हिन्दू धर्मशाला में मेन्टीनेस कार्य कराने, छावनी फ्लाईओवर के नीचे प्याऊ लगाकर दो वाटर कूलर लगाने के भी निर्णय हुए।

एजेंडा नहीं पहुंचा तो पार्षदों ने किया बहिष्कार

समितिकी बैठक में 10 में से 5 पार्षद सदस्य ओम गुंजल, गोपाल मंडा, रेखा लखारा, महेश गौतम, रामलाल भील नहीं पहुंचे। उनका कहना था कि बैठक का एजेंडा ही नहीं भेजा गया तो क्या तैयारी करके जाते। इस पर समिति सदस्यों को फोन करके बुलाया गया। मोनू कुमारी कांग्रेस के धरने पर बैठी थी उन्हें वहां से बुलवाया गया। उन्होंने उपायुक्त राजेंद्र चारण को भी इसकी शिकायत की। साथ ही कोरम पूरा नहीं होने पर बैठक निरस्त करने को कहा। वहीं अध्यक्ष अग्रवाल का कहना है कि गोशाला समिति का काम केवल सेवा करना है। सेवा के काम में भी यदि इस प्रकार से ईगो दिखाएंगे तो कैसे काम चलेगा। मैंने सभी को फोन पर सूचना दी थी। एजेंडा भेजा था, लेकिन डिस्पैच होने में एक दिन लेट हो गया।

गोशाला कमेटी की मीटिंग करते महापौर और समिति के सदस्य।

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