इस कमांडो को ऐसे मिला चीता सरनेम, पर्सनल life से ले पाक पर दिया ये जवाब / इस कमांडो को ऐसे मिला चीता सरनेम, पर्सनल life से ले पाक पर दिया ये जवाब

कोटा निवासी CRPF कमांडेंट चेतन चीता का कहना है कि चीता उनका गोत्र है जिसे वे अपने नाम में लगाते हैं।

bhaskar news

Apr 16, 2017, 02:26 AM IST
चेतन चीता की वाइफ उमा। चेतन चीता की वाइफ उमा।
कोटा (राजस्थान). कई गोलियां खाने के बावजूद एक आतंकी को मार गिराने और एक महीने से ज्यादा समय तक कोमा में रहने के बाद घर लौटे कोटा निवासी CRPF कमांडेंट चेतन चीता का कहना है कि चीता उनका गोत्र है जिसे वे अपने नाम में लगाते हैं। शनिवार को एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में अपने पर्सनल लाइफ से लेकर पाकिस्तानी आतंकवाद पर बेबाक जवाब दिए। पहली बार 10वीं में हुई थी उमा से मुलाकात...

- बता दें कि कई गोलियां खाने के बावजूद एक आतंकी को मार गिराने और एक महीने से ज्यादा समय तक कोमा में रहने के बाद चेतन घर लौट चुके हैं।
- कोटा के रहने वाले चेतन ने हॉस्पिटल से छुट्टी के बाद दिल्ली के नजफगढ़ स्थित अपने घर पर पहली बार एक टीवी चैनल को इंटरव्यू दिया।
- इस दौरान चेतन ने पाकिस्तानी आतंकवाद पर कहा कि वहां गरीबी बहुत ज्यादा है। 8-8, 10-10 बच्चे पैदा कर रखे हैं, उन्हें पालेगा कौन?
- ऐसे लोगों को 2-3-5 लाख का लालच देते हैं, हथियार की ट्रेनिंग देते हैं और कहते हैं कि ऑपरेशन करके आओ, ईनाम देंगे।
- यह गारंटी भी देते हैं कि तुम्हें कुछ होगा तो परिवार का ध्यान हम रखेंगे। यदि कोई हादसा हो जाता है तो वहां उन्हें हीरो की तरह पेश किया जाता है।
- उन्होंने कहा कि दिल में कई बार ऐसा आता है कि यार ये अपने ही तो लोग हैं, कैसे बेवकूफी कर रहे हैं। बार-बार यह ख्याल आता है, लेकिन उनको (कश्मीर पत्थरबाज) समझ में नहीं आता। आर्मी ने कई सिविल प्रोग्राम भी चलाए, लेकिन सारे प्रयास विफल रहे।
कश्मीरी पत्थरबाजों पर...
- कश्मीर में हो रही पत्थरबाजी के सवाल पर चीता ने कहा कि वहां 70 प्रतिशत लोग भारत समर्थक हैं, शेष 30 फीसदी लोगों ने परिस्थितियां बिगाड़ रखी हैं।
- हम जवानों को सबकुछ ब्रीफ करते हैं। जवान भी आजकल सब समझते हैं, कई मामलों में वे हमसे ज्यादा स्मार्ट हैं। लेकिन, यह नहीं कह सकते कि पत्थर खाते रहो।
- दिल में कई बार ऐसा आता है कि यार ये अपने ही तो लोग हैं, कैसे बेवकूफी कर रहे हैं। बार-बार यह ख्याल आता है, लेकिन उनको (कश्मीर पत्थरबाज) समझ में नहीं आता। आर्मी ने कई सिविल प्रोग्राम भी चलाए, लेकिन सारे प्रयास विफल रहे।
पर्सनल लाइफ पर...
- जब उनसे पूछा गया कि चीता सरनेम कहां से आया? तो बोले- यह हमारा गोत्र है। मेरे पिता का नाम रामगोपाल चीता है।
- हमारी मीणा कम्युनिटी में रामगंजमंडी-मोड़क आदि जगहों पर चीता सरनेम होता है। हमारा गांव मोड़क है, जो कोटा से कुछ दूर है।
- पत्नी उमा के बारे में कहा कि उमा और हम दोनों करीब 28 साल से जुड़े हुए हैं। हम 10वीं क्लास में पढ़ते थे, तब से जानते हैं।
- उन्होंने बताया कि हम दोनों के बीच पहले फ्रेंडशिप थी, जो बाद में रिलेशनशिप में बदल गई। उमा के पिता भी आर्मी से रिटायर ले. कर्नल हैं।
- उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि मुझे जिंदगी में क्या चाहिए? मैंने ज्यादा कुछ नहीं किया, सिर्फ इतना किया कि मेरी ड्यूटी को बेहतर ढंग से निभाया।
आगे की स्लाइड्स में पढ़ें चीता ने पैलेट गन पर क्या कहा...
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चेतन चीता की वाइफ उमा।चेतन चीता की वाइफ उमा।
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