कोटा. सीवी गार्डन में चल रही ज्वॉय ट्रेन यूआईटी की गलती की वजह से लगातार तीसरे साल भी गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को निराश करेगी। यहां ट्रेन लगाते समय ही विवाद हो गया था कि इससे मॉर्निंग वाकर्स को दिक्कत होगी। इस वजह से ट्रेन का टाइम सुबह 10 से शाम 5 बजे तक तय किया गया।
पांच बजे ट्रेन को बंद करने के लिए अंतिम राउंड 4.15 बजे शुरू होता है और गर्मी के दिनों में इस समय लू के थपेड़े चलते हैं। भास्कर इस इश्यू को शुरुआत से ही उठाता आ रहा है, लेकिन यूआईटी दोबारा कोर्ट नहीं जा रहा है। अब भी समय है अगर जिम्मेदार अधिकारी कोर्ट जाएं या केस करने वालों से बात करें तो ट्रेन का समय बदला जा सकता है। इसे नए सिरे से सर्दी और गर्मी के लिहाज से तय किया जा सकता है।
गर्मी बढ़ने के साथ ही घट जाती है टिकट की बिक्री
इस ट्रेन के टिकट का पिछले साल का आंकड़ा देखें तो स्पष्ट हो जाता है कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है इसमें घूमने वालों की संख्या कम हो जाती है। वर्ष 2015 में दिसंबर में बड़े दिन की छुट्टियों में ट्रेन पूरी क्षमता से चली। वहीं, अप्रैल-मई में दो से ढाई गुना कम टिकट बिके। अप्रैल में 2980 टिकट जबकि दिसंबर में 8192 बिके।
शाम को बच्चे लौट रहे निराश, दिन में खाली चल रही: अभी हालत ये है कि 72 सीट वाली ये ट्रेन कई बार 10-15 यात्रियों पर ही चलानी पड़ रही है। शाम को पहुंचने वाले बच्चे निराश हो जाते हैं क्योंकि 5 बजे ट्रेन बंद करने के लिए अंतिम राउंड 4.15 बजे ही हो जाता है। जबकि, गर्मी के दिनों में इवनिंग वॉक करने वाले भी शाम का धूप कम होने का इंतजार कर करीब 6.30 बजेेे बाद ही आते हैं।
सर्दी में बिक गए ढाई गुना अधिक टिकट
| महीना | टिकट | आय |
| जनवरी | 6817 | 146760 |
| फरवरी | 6616 | 131680 |
| मार्च | 3993 | 82360 |
| अप्रैल | 2980 | 63455 |
| मई | 3538 | 75230 |
| जून | 7228 | 153345 |
| जुलाई | 4597 | 99655 |
| अगस्त | 7600 | 162860 |
| सितंबर | 2720 | 66330 |
| अक्टूबर | 3963 | 76480 |
| नवंबर | 4116 | 89250 |
| दिसंबर | 8192 | 169400 |
ट्रेन का समय शाम को बढ़ाने के लिए 3 तरह के विकल्प हैं। दो यूआईटी के पास तथा 1 बच्चों या आम जनता के पास।
- जिन दो स्थानों पर ट्रेन वॉकिंग ट्रैक को क्राॅस कर रही है। उन दोनों स्थानों पर पैदल चलने के लिए फुट ब्रिज बना दिए जाए।
- यूआईटी हाईकोर्ट में पुनर्विचार व पुनर्विलोकन याचिका लगाकर जनहित में समय संशोधन की अपील कर सकती है।
- शहर के बच्चे अथवा आम नागरिक हाईकोर्ट को साधारण पत्र लिखकर ट्रेन को दोपहर में चलाने में होने वाली परेशानी से अवगत करवाकर अपील कर सकते हैं। बच्चों की परेशानी को देखते हुए इस संबंध में हाईकोर्ट सुनवाई कर सकता है।
यूआईटी के सचिव डॉक्टर एमएल यादव ने बताया कि इस संबंध में बच्चों की परेशानी को देखते हुए दुबारा विचार किया जाएगा। यदि पर्यावरण प्रेमियों को कोई परेशानी नहीं है तो हमें तो इसका समय बढ़ाने में कोई आपत्ति नहीं है।