तनाव के बाद तोड़फोड़ पुलिस पर पथराव, 24 अरेस्ट, बूंदी में 14 मई तक धारा 144

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बूंदी. जैत सागर के किनारे बने टाइगर हिल टॉप व्यू पॉइंट (मांधाता की छतरी) पर वन विभाग की ओर से हिंदू देवी-देवताओं वाले शिलाखंड को पुनर्स्थापित करने पर तीन दिन से चल रहे विवाद ने शनिवार को बड़ा रूप ले लिया। शहर में तनाव के हालात पैदा हो गए। शिलाखंड हटाने की मांग कर रहे समाज के लोगों की भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। 

 खाईलैंड बाजार में हुड़दंगी युवकों ने दुकानदारों से हाथापाई और तोड़फोड़ की, कई दुकानों के शीशे फोड़ दिए। कवरेज करने गए मीडियाकर्मी का कैमरा तोड़ दिया, पुलिस कैमरामैन के साथ भी बदसलूकी की। एक घंटे तक पथराव, हंगामा और तोड़फोड़ के बाद पुलिस एक्शन में आ गई।  पुलिस ने उपद्रवियों को दौड़ाया और लाठी भांजकर खदेड़ दिया। इस दौरान पुलिस ने 24 हुड़दंगियों को हिरासत में लिया। उनकी गाड़ियां जब्त कर ली।  हालात से निबटने के लिए 5 थानों का फोर्स, सभी डीएसपी, कोटा से आरएसी और क्यूआरटी  बुला ली गई। 
 
2 जांच कमेटियां 10 दिन में देंगी रिपोर्ट
आईजी विशाल बंसल भी बूंदी पहुंच गए। जिले के प्रभारी मंत्री यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने सुबह से ही डेरा डाल दिया था। पीडब्ल्यूडी मंत्री और पूर्व प्रभारी मंत्री यूनुस खान भी लगातार संपर्क में रहे। प्रशासन ने शांति समिति की आपात बैठक बुलाई तथा सभी पक्षों की सहमति से दो जांच कमेटियां बनाई। एक कमेटी देखेगी कि फॉरेस्ट विभाग ने टाइगर हिल पर काम क्यों करवाया और वह नियमानुसार है या नहीं। एडीएम, पीडब्लूडी एसई की कमेटी यह जांच कर रिपोर्ट देगी। दूसरी कमेटी देखेगी कि विवादित छतरी पर पहले क्या स्ट्रक्चर बना हुआ था।
 
पारे के साथ बढ़ता गया तनाव 
विवाद का सर्वसम्मत रास्ता निकालने के लिए दोनों पक्षों को समझाने के प्रयास तो शुक्रवार से ही चल रहे थे। शुक्रवार रात खाद्य मंत्री बाबूलाल वर्मा ने प्रयास किए। शनिवार सुबह यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी सर्किट हाउस पहुंच गए। साथ में विधायक अशोक डोगरा, भाजपा जिलाध्यक्ष महिपतसिंह हाड़ा, कलेक्टर एनके ठकराल, एसपी सुनील विश्नोई व मौअजिज लोगों ने बंद कमरे में वार्ता की। सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट में कलेक्टर, एसपी ने शांति समिति की बैठक ली, मीडिया को दूर रखा गया। इधर, शांति समिति की बैठक चल रही थी, उधर ईदगाह मैदान में जमा भीड़ उग्र होने लगी। तनाव बढ़ते देख पुलिस जाब्ता बढ़ा दिया गया। कई युवक पहाड़ी पर गुटों में इक्ट्ठा हो गए। इसके बाद अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई। पुलिस ने पत्थरबाजों को खदेड़ दिया। उधर, कोटा से आईजी बूंदी पहुंच गए, आरएसी भी आ गई।
 
 
खाईलैंड और कोटा रोड के मार्केट बंद, दुकानों के शीशे फोड़े
शांति समिति की बैठक खत्म होने के बाद सदस्य ईदगाह मैदान पहुंचे और फैसले से भीड़ को अवगत कराया, पर भीड़ ने उनकी बात नहीं सुनी। लटूर भाई, फरीद भाई, हाजी महमूद, बदरू भाई, गुड्डू भाई, पार्षद नुरूद्दीन, टीकम जैन व लोकेश ठाकुर सहित अन्य मौअजिज लोगों सहित एसडीएम दिवांशु शर्मा, एएसपी राजेंद्र वर्मा, डीएसपी समदरसिंह ने समझाइश का प्रयास किया। एकबार फिर तनाव हो गया, जब पुलिस ईदगाह में पेड़ के नीचे इकट्ठा हुई। भीड़ उत्तेजित हो गई। जैसे-तैसे मामला शांत हुआ। कुछ देर बाद पहाड़ी पर जमा युवक इकट्ठा होकर नारे लगाते हुए नीचे उतर आए और भीड़ में मिलकर शहर की ओर कूच करने लगे। मीरागेट और खाईलैंड मार्केट में इन्होंने हुड़दंग शुरू कर दिया, दुकानों का सामान पलटने लगे तथा पांच-सात दुकानों के शीशे व सामान तोड़फोड़ दिया। खाईलैंड व कोटा रोड मार्केट बंद हो गया। आरएसी व पुलिस ने हुड़दंगियों  पर लाठियां बरसाई, कइयों को हिरासत में ले लिया। वहीं वाहन भी जप्त कर लिए। भीड़ तीतर-बितर हो गई। मीरा गेट चौराहा छावनी बन गया। आरएसी व एसटीएफ जवान तैनात कर दिए गए। आईजी ने भी शहर का दौरा किया।
 
मंत्री-आईजी और कलेक्टर बोले-
यूडीएच मंत्री और बूंदी के प्रभआरी श्रीचंद कृपलानी ने बताया कि सभी पक्षों की भावना का सम्मान किया जाएगा। कलेक्टर, एसपी से पूरी जानकारी ली। यह फॉरेस्ट का मामला है। 

कोटा रेंज के आईजी विशाल बंसल ने बताया कि कलेक्टर, एसपी ने कमेटी बना दी है जो विवादित जगह पर पूर्व और वर्तमान की स्थिति देखेगी। सभी पक्षों को शांति बनाए रखने के लिए कहा है, पर जिन लोगों ने कानून व्यवस्था खराब की है, उन्हें नहीं छोड़ा जाएगा। 
 
बूंदी के कलेक्टर एनके ठकराल ने बताया कि शांति समिति की सहमति से दो कमेटियां बना दी गई हैं। एक कमेटी में एडीएम, एएसपी और पीडब्ल्यूडी एईएन हैं, जो जांच करेंगे कि फॉरेस्ट विभाग ने मौके पर क्या काम किया है और क्यों करवाया है तथा नियमानुसार है या नहीं। दूसरी कमेटी में दोनों समुदायों और प्रशासन के प्रतिनिधि हैं, जो मौके पर पूर्व और वर्तमान की स्थिति की जांच कर 10 दिन में रिपोर्ट देंगे। 
 
 
 


खबरें और भी हैं...