कोटा. जिंदगी का हर पल सेल्फी पर मिलने वाले 100 लाइक्स से कहीं ज्यादा अहमियत रखता है। इस पंच लाइन के साथ कोटा के युवाओं ने सेल्फी लेते हुए होने वाले हादसों का जिक्र करते हुए शॉर्ट मूवी तैयार किया है। इस वीडियो को बनाने के समय ही देश में पिछले 2 साल में सेल्फी के कारण हुए हादसों की स्टडी भी की गई थी।
ऐसे 8 हादसों को केस स्टडी को भी वीडियो में शामिल किया है। यह शाॅर्ट मूवी 5 मिनट 46 सेकंड की है। इसको ओपन यूनिवर्सिटी रोड, डाइट भवन और भीतरिया कुंड में शूट किया गया है। मूवी में बताया गया है कि युवा क्यों जान खतरे में डालकर खतरनाक जगहों पर सेल्फी लेने जाते हैं और हादसों का शिकार हो जाते हैं। स्टोरी, स्क्रीनप्ले और डायरेक्शन पवन शर्मा का है। सिनेमेटोग्राफी और पोस्टर डिजाइन अभिनव मीणा ने किया। प्रतीक दशोरा, गौरव सोनी, तिलक राज वर्मा और आशीष ने एक्टिंग की है।
यह है मूवी की कहानी
कहानी चार दोस्तों की है, जो कॉलेज बंक करके भीतरिया कुंड जाते हैं। यहां पर वे पिक्चर्स और सेल्फी क्लिक करते हैं। सोशल मीडिया पर मिलने वाली लाइक की चाहत में एक दोस्त खतरनाक जगह पर सेल्फी लेने पहुंच जाता है। उसके अन्य दोस्त ऐसी हरकत करने से मना भी करते हैं, पर वो नहीं मानता। आखिरकार सेल्फी लेते समय वह गहरे पानी में गिर जाता है।
इन हादसों की केस स्टडी
- मई 2014 में केरल में 15 साल के एक बच्चे की ट्रेन के सामने सेल्फी लेते समय मौत हो गई थी।
- अगस्त 2014 में ही केरल में एक छात्र की इलेक्ट्रिक ट्रेन पर सेल्फी के दौरान करंट लगने से मौत हुई थी।
- जनवरी 2015 में 20 से 22 साल के तीन स्टूडेंट्स की आती हुई ट्रेन के सेल्फी लेने से मौत हो गई थी।
- 7 युवा नागपुर में सेल्फी लेते समय पानी में गिर गए थे। इससे उनकी मौत हो गई थी।