कोटा. जवाहर नगर चौराहे पर बुधवार सुबह ट्रैफिक पुलिसकर्मी द्वारा हेलमेट का चालान बनाने के लिए एक स्कूली छात्र को रोकना भारी पड़ गया। छात्र ने बाइक रोकने की बजाय स्पीड तेज करके बाइक पुलिसकर्मी के पैर पर चढ़ा दी। इससे उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। इधर, जवाहर नगर पुलिस ने छात्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
यातायात थाने के हेड कांस्टेबल भंवरलाल ने बताया कि ट्रैफिक एएसआई रामेश्वर दयाल योगी और कांस्टेबल बलदेव सिंह पुत्र विजय सिंह बुधवार दोपहर जवाहर नगर चौराहे पर हेलमेट के चालान बना रहे थे। उसी समय दादाबाड़ी स्थित एक स्कूल का छात्र विज्ञान नगर जाने के लिए बिना हेलमेट के चौराहे पर पहुंचा।
जहां बलदेव ने उसे लाइसेंस चेक करने और चालान बनाने के लिए बीच रास्ते में जाकर रोका। छात्र ने बाइक रोकने की बजाय स्पीड में सीधे बाइक बलदेव पर चढ़ा दी। जिससे बलदेव का एक पैर फ्रैक्चर हो गया। डीएसपी सिद्धांत शर्मा और सीआई भंवरसिंह ने बलदेव को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया, जहां रात को बलदेव का ऑपरेशन हुआ।
हेलमेट के चालान घर भेजना कर दिया बंद
चालान के लिए चौराहे पर अथवा मोड़ पर अचानक आकर रोकना वाहन चालक और ट्रैफिक पुलिसकर्मी दोनों के लिए खतरनाक है। इससे शहर में आए दिन कई हादसे होते हैं। भास्कर द्वारा वर्ष 2012 में लगातार खबरें प्रकाशित करने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने अन्य शहरों की तर्ज पर हेलमेट के चालान सीधे घर भेजना शुरू किया था।
3 साल पहले शुरू हुई यह अच्छी पहल अधिकारियों के बदलने के साथ ही बंद हो गई। करीब 2 सालों तक इसी नियम के तहत कोटा में हेलमेट के चालान सीधे घर भेजे गए, लेकिन अब वापस यह बंद हो गया है।