पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Ayurvedic Medicine For Mahatma Gandhi Send From Kota

कोटा से गई थी गांधी जी के लिए आयुर्वेदिक दवा, जवाब देने वाली सुशीला बनीं केंद्रीय मंत्री

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

कोटा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के लिए कोटा से तैयार आयुर्वेदिक गोलियां जुहू (मुंबई) भेजी गई थीं। रामपुरा के प्रसिद्ध वैद्य उद्धवजी हीरजी राठौड़ द्वारा तैयार गोलियां 7 जून 1944 को पहुंची थी। गांधी जी की प्राइवेट सचिव सुशीला नैय्यर की ओर से भेजे पोस्टकार्ड में वैद्य राठौड़ को संदेश आया कि आप की भेजी गोलियां मिल गई हैं। गांधी जी तो उपयोग नहीं करेंगे, किसी दूसरे दर्दी के लिए अगर हो सका तो उनका उपयोग किया जाएगा।

राठौड़ के पुत्र बाबूलाल राठौड़ (79) बताते हैं कि पिता की मौत 15 मई 1959 को होने के बाद सरकार की और से वैद्य कानून आने से आयुर्वेदिक दुकान बंद करनी पड़ी। पिता 100 प्रकार की आयुर्वेदिक दवाइयां बनाते थे। प्रतापनगर निवासी मधुभाई शाह (82) बताते हैं कि राठौड़ ब्रदर्स की दुकान काफी प्रसिद्ध थी। अपने नुस्खे से वो आयुर्वेदिक दवाइयां बनाते थे।

जवाब देने वाली सुशीला बनीं केंद्रीय मंत्री
कोटा से गई दवाओं का जवाब भेजने वालीं सुशीला नैय्यर गांधीजी के प्राइवेट सचिव की तरह कामकाज संभालती थी। बाद में पं. नेहरु के प्रधानमंत्री कार्यकाल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बनीं।